{"_id":"6659b8c23a8d4e8d8e0427cd","slug":"balh-valleys-red-gold-ready-to-hit-the-markets-mandi-news-c-90-1-ssml1045-127648-2024-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: बल्ह घाटी का 'लाल सोना' मंडियों में आने को तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: बल्ह घाटी का 'लाल सोना' मंडियों में आने को तैयार
Sat, 01 Jun 2024 10:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 01 Jun 2024 10:14 AM IST
विज्ञापन
बल्ह घाटी स्थित एक खेत में लगे टमाटर। संवाद
नेरचौक (मंडी)। मिनी पंजाब के नाम से विख्यात बल्ह घाटी का 'लाल सोना' यानी टमाटर उत्तरी भारत की मंडियों में आने को लगभग तैयार है। आगामी दो हफ्तों में किसानों का टमाटर पूरी तरह से तैयार होकर सब्जी मंडियों में पहुंच जाएगा। अभी टमाटर पूरी तरह से तैयार नहीं है, लेकिन इक्का-दुक्का किसानों ने टमाटर सब्जी मंडियों में पहुंचना शुरू कर दिया है।
बल्ह घाटी का टमाटर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान तक जाता है। बल्ह घाटी का लाल सोना यानी टमाटर जून और जुलाई के महीने में पूरी तरह से बाजार में आता है। बीते साल 5000 रुपये तक टमाटर का एक क्रेट बिका था। अकेले बल्ह घाटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ था।
पिछले वर्ष दो दर्जन से अधिक बल्ह घाटी के किसानों ने एक-एक करोड़ रुपये से अधिक कारोबार किया थी। इन्हीं किसानों को अपना आदर्श बनाते हुए इस वर्ष सैकड़ों युवाओं ने टमाटर की खेती में अपना भाग्य आजमाया है। बल्ह घाटी में विभिन्न प्रकार किस्मों के टमाटर की खेती नेरचौक, रति, ढांगू, ढावण, सोयरा, गलमा, राजगढ़, कुम्मी, नागचला, गागल, कनैड, घटा, बोरा, पैड़ी, बगला, नलसर, लोहारा, कंसा व अन्य जगह में जमकर टमाटर की खेती की गई है।
विज्ञापन
नागचला के राकेश ठाकुर उर्फ गंगा, केहड़ के संजू वर्मा, केहड़ के ही रिंकू कोहली, सटोह के संतराम, सटोह के राजकुमार, खांदला के डिंपल सैनी, राजगढ़ के रिंकू शर्मा कुम्मी के जोगी, भंगरोटू के धनदेव ठाकुर, नेरचौक से राकेश ठाकुर ने टमाटर के उत्पादन के लिए लोगों से जमीन ठेके पर ले रखी है। इन्होंने 30 से 40 बीघा में टमाटर की खेती की है। इन्हें आशा है कि टमाटर पैदावार का उन्हें सही दाम मिलेगा तो यह सभी करोड़ों में कमाई करेंगे।
प्रचंड गर्मी का किसानों को सता रहा डर
प्रचंड गर्मी का किसानों को डर सता रहा है। रोजाना टमाटर को पानी देना पड़ता है। जहां कहीं भी पानी का अभाव है, वहां टमाटर की खेती पर संकट पैदा हो गया है। कृषि विशेषज्ञ चौधरी राम ने बताया कि इस वर्ष 200 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में टमाटर की फसल है। किसान ऑर्गेनिक खेती की तरफ अधिक ध्यान दें। आवश्यकता अनुसार ही छिड़काव करें। अधिक दवाइयाें का छिड़काव भूमि के लिए नुकसानदायक है। गर्मी ज्यादा होने के चलते किसानों को टमाटर की फसल का विशेष ध्यान रखना होगा। फसल को लगातार पानी देते रहें।
विज्ञापन
बल्ह घाटी का टमाटर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान तक जाता है। बल्ह घाटी का लाल सोना यानी टमाटर जून और जुलाई के महीने में पूरी तरह से बाजार में आता है। बीते साल 5000 रुपये तक टमाटर का एक क्रेट बिका था। अकेले बल्ह घाटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ था।
विज्ञापन
पिछले वर्ष दो दर्जन से अधिक बल्ह घाटी के किसानों ने एक-एक करोड़ रुपये से अधिक कारोबार किया थी। इन्हीं किसानों को अपना आदर्श बनाते हुए इस वर्ष सैकड़ों युवाओं ने टमाटर की खेती में अपना भाग्य आजमाया है। बल्ह घाटी में विभिन्न प्रकार किस्मों के टमाटर की खेती नेरचौक, रति, ढांगू, ढावण, सोयरा, गलमा, राजगढ़, कुम्मी, नागचला, गागल, कनैड, घटा, बोरा, पैड़ी, बगला, नलसर, लोहारा, कंसा व अन्य जगह में जमकर टमाटर की खेती की गई है।
विज्ञापन
नागचला के राकेश ठाकुर उर्फ गंगा, केहड़ के संजू वर्मा, केहड़ के ही रिंकू कोहली, सटोह के संतराम, सटोह के राजकुमार, खांदला के डिंपल सैनी, राजगढ़ के रिंकू शर्मा कुम्मी के जोगी, भंगरोटू के धनदेव ठाकुर, नेरचौक से राकेश ठाकुर ने टमाटर के उत्पादन के लिए लोगों से जमीन ठेके पर ले रखी है। इन्होंने 30 से 40 बीघा में टमाटर की खेती की है। इन्हें आशा है कि टमाटर पैदावार का उन्हें सही दाम मिलेगा तो यह सभी करोड़ों में कमाई करेंगे।
प्रचंड गर्मी का किसानों को सता रहा डर
प्रचंड गर्मी का किसानों को डर सता रहा है। रोजाना टमाटर को पानी देना पड़ता है। जहां कहीं भी पानी का अभाव है, वहां टमाटर की खेती पर संकट पैदा हो गया है। कृषि विशेषज्ञ चौधरी राम ने बताया कि इस वर्ष 200 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि में टमाटर की फसल है। किसान ऑर्गेनिक खेती की तरफ अधिक ध्यान दें। आवश्यकता अनुसार ही छिड़काव करें। अधिक दवाइयाें का छिड़काव भूमि के लिए नुकसानदायक है। गर्मी ज्यादा होने के चलते किसानों को टमाटर की फसल का विशेष ध्यान रखना होगा। फसल को लगातार पानी देते रहें।

बल्ह घाटी स्थित एक खेत में लगे टमाटर। संवाद