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Mandi News: ठंड बढ़ने पर भेड़पालकों ने किया मैदानी इलाकों का रुख
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जोगिंद्रनगर से सटे गलू के जंगल में कुछ समय के लिए डेरा जमाए हुए भेड़ पालक।
जोगिंद्रनगर (मंडी)। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ते ही मंडी-कांगड़ा सीमा से सटे बड़ा भंगाल से भेड़पालकों ने लगभग 20 हजार भेड़ बकरियों के साथ मैदानी इलाकों में आना शुरू कर दिया है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र के 64 हजार हेक्टेयर जंगल में 80 से अधिक भेड़पालकों ने अपने अस्थायी ढारे छोड़ दिए हैं। अब हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और सोलन में डेरा जमाने के लिए पैदल सफर शुरू कर दिया है।
पहाड़ों पर हुए ताजा हिमपात के बाद अचानक ठंड बढ़ने से भेड़पालकों को अपने मवेशियों के साथ मैदानी इलाकों का रुख करना पड़ा है। सोमवार को भेड़ पालक परस राम, नानक चंद, रमेश, प्यार चंद, राजेश कुमार ने बताया कि बड़ा भंगाल के सात राजस्व मुहाल में शामिल राईगार, मराला धार, भाडल धार और बड़ा भंगाल में भेड़-बकरियों के साथ मई में डेरा जमाते हैं।
अब ठंड बढ़ने से अस्थायी ढारे छोड़ने पड़े हैं। बताया कि बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना जिला में लगभग 6 माह तक वे अपने मवेशियों के साथ रहेंगे। मंडी-पठानकोट पर जोगिंद्रनगर शहर से करीब चार किलोमीटर दूर गलू के जंगलों में भी भेड़ बकरियों के साथ चरवाहे देखे गए। बड़ा भंगाल पंचायत प्रधान मनशा राम ने बताया कि बड़ा भंगाल में ठंड बढ़ते ही 80 से अधिक भेड़पालकों ने लगभग 20 हजार भेड़ बकरियों के साथ मैदानी इलाकों का रुख कर लिया है।
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पहाड़ों पर हुए ताजा हिमपात के बाद अचानक ठंड बढ़ने से भेड़पालकों को अपने मवेशियों के साथ मैदानी इलाकों का रुख करना पड़ा है। सोमवार को भेड़ पालक परस राम, नानक चंद, रमेश, प्यार चंद, राजेश कुमार ने बताया कि बड़ा भंगाल के सात राजस्व मुहाल में शामिल राईगार, मराला धार, भाडल धार और बड़ा भंगाल में भेड़-बकरियों के साथ मई में डेरा जमाते हैं।
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अब ठंड बढ़ने से अस्थायी ढारे छोड़ने पड़े हैं। बताया कि बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना जिला में लगभग 6 माह तक वे अपने मवेशियों के साथ रहेंगे। मंडी-पठानकोट पर जोगिंद्रनगर शहर से करीब चार किलोमीटर दूर गलू के जंगलों में भी भेड़ बकरियों के साथ चरवाहे देखे गए। बड़ा भंगाल पंचायत प्रधान मनशा राम ने बताया कि बड़ा भंगाल में ठंड बढ़ते ही 80 से अधिक भेड़पालकों ने लगभग 20 हजार भेड़ बकरियों के साथ मैदानी इलाकों का रुख कर लिया है।
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