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करसोग में आर्मी वर्म ने तबाह की मक्की की फसल
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करसोग में मक्की की फसल पर आर्मी वर्म कीट ने हमला कर दिया है। इससे पौधे गिर रहे हैं।
- फोटो : Mandi
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करसोग (मंडी)। उपमंडल करसोग में किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मक्की की फसल पर कीटों ने हमला किया है। आर्मी वर्म कीट मक्की की फसल को तबाह कर रहा है। कीट ने मक्की की पत्तियों को काटकर फसल को पूरी तरह से बरबाद कर दिया है।
किसान तरह-तरह के स्प्रे कर थक चुके हैं, लेकिन कीट लगातार फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों के सामने मक्की की फसल को बचाने का संकट पैदा हो गया है। उपमंडल के घैणी शैदल पंचायत सहित अन्य पंचायतों में किसानों ने कृषि विभाग से फसल को बचाने के लिए उपाय बताने की गुहार लगाई है।
घैणी शैदल पंचायत के अधिकतर क्षेत्रों में आर्मी वर्म के हमले ने मक्की की फसल तबाह कर दी है। कृषि विभाग ने फील्ड अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और किसानों को स्प्रे शेड्यूल को लेकर जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
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उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में 3700 हेक्टेयर में मक्की की बिजाई की है। इसमें करीब 370 हेक्टेयर में मक्की की फसल पर आर्मी वर्म का हमला हुआ है। समय रहते सही तरह से छिड़काव नहीं किया गया तो मक्की की फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है।
घैणी शैदल के किसान सेवक राम का कहना है कि मक्की में कीड़ा लगा है। इसने फसल तबाह कर दी है। किसान स्प्रे करके भी थक चुके हैं, इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है।
....
मक्की की फसल में आर्मी वर्म का अटैक हुआ है। आर्मी वर्म की रोकथाम के लिए किसान मक्की की फसल में एक लीटर पानी में एक मिलीलीटर क्लोरोपायरीफॉस का छिड़काव करें। फील्ड अधिकारियों को भी किसानों को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. मीना, विषयवाद विशेषज्ञ, करसोग
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किसान तरह-तरह के स्प्रे कर थक चुके हैं, लेकिन कीट लगातार फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। किसानों के सामने मक्की की फसल को बचाने का संकट पैदा हो गया है। उपमंडल के घैणी शैदल पंचायत सहित अन्य पंचायतों में किसानों ने कृषि विभाग से फसल को बचाने के लिए उपाय बताने की गुहार लगाई है।
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घैणी शैदल पंचायत के अधिकतर क्षेत्रों में आर्मी वर्म के हमले ने मक्की की फसल तबाह कर दी है। कृषि विभाग ने फील्ड अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और किसानों को स्प्रे शेड्यूल को लेकर जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
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उपमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में 3700 हेक्टेयर में मक्की की बिजाई की है। इसमें करीब 370 हेक्टेयर में मक्की की फसल पर आर्मी वर्म का हमला हुआ है। समय रहते सही तरह से छिड़काव नहीं किया गया तो मक्की की फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है।
घैणी शैदल के किसान सेवक राम का कहना है कि मक्की में कीड़ा लगा है। इसने फसल तबाह कर दी है। किसान स्प्रे करके भी थक चुके हैं, इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है।
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मक्की की फसल में आर्मी वर्म का अटैक हुआ है। आर्मी वर्म की रोकथाम के लिए किसान मक्की की फसल में एक लीटर पानी में एक मिलीलीटर क्लोरोपायरीफॉस का छिड़काव करें। फील्ड अधिकारियों को भी किसानों को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. मीना, विषयवाद विशेषज्ञ, करसोग