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मटर फसल को लगा जड़ गलन रोग
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गोहर (मंडी)। नाचन की अनेक पंचायतों में मटर को जड़ गलन रोग लगने से लाखों की फसल पर खतरा मंडरा गया है। जड़ गलन लगने से हजारों किसानों में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग मटर की फसल को लगी जड़ गलन की बीमारी से अनभिज्ञ है। जहां बिजाई जल्दी हुई है उन क्षेत्रों में मटर की पौध जड़ गलन रोग लगने से तबाह होने लगी है। किसान बीमारी की रोकथाम के लिए निजी दुकानों से दवाइयां खरीद कर खेतों में स्प्रे करने में जुट गए हैं। नाचन की मोवीसेरी, तरौर, नौंन, जहल, धंग्यारा, देवीदहड, चच्योट समेत आसपास की पंचायतों में मटर की फसल को जड़ गलन रोग लगा है।
नाचन फ्रूट एंड वेजिटेबल संघ के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि किसानों की मटर की फसल को जड़ गलन रोग लगा है, लेकिन कृषि विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। ठाकुर ने प्रशासन से मांग उठाई है कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए अन्यथा किसान संघ विभागीय अधिकारियों का घेराव करेगा। किसानों मुरारी लाल, गगन शर्मा, डोले राम, तेज सिंह, देशराज, लीला प्रकाश, हेम सिंह, किशोरी लाल और भास्कर ठाकुर ने बताया कि जड़ गलन रोग लगने से उनकी फसल तबाह होने के कगार पर पहुंच गई है।
बीमारी के बचाव को ले सकते हैं परार्मश : खूब राम
कृषि विकास अधिकारी गोहर खूब राम ठाकुर ने बताया कि किसान कृषि प्रसार अधिकारी के कार्यालय में जाकर बीमारी के बचाव का परामर्श ले सकते हैं। कहा कि किसान प्रति लीटर पानी में 1 ग्राम थायोफिनिटेमिथिल (रोको) का छिड़काव कर सकते हैं। कृषि प्रसार अधिकारी किसानों के खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। बारिश न होने और जमीन में आर्द्रता बढ़ने की वजह से जड़ गलन रोग फैलता है।
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नाचन फ्रूट एंड वेजिटेबल संघ के उपाध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि किसानों की मटर की फसल को जड़ गलन रोग लगा है, लेकिन कृषि विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। ठाकुर ने प्रशासन से मांग उठाई है कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए अन्यथा किसान संघ विभागीय अधिकारियों का घेराव करेगा। किसानों मुरारी लाल, गगन शर्मा, डोले राम, तेज सिंह, देशराज, लीला प्रकाश, हेम सिंह, किशोरी लाल और भास्कर ठाकुर ने बताया कि जड़ गलन रोग लगने से उनकी फसल तबाह होने के कगार पर पहुंच गई है।
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बीमारी के बचाव को ले सकते हैं परार्मश : खूब राम
कृषि विकास अधिकारी गोहर खूब राम ठाकुर ने बताया कि किसान कृषि प्रसार अधिकारी के कार्यालय में जाकर बीमारी के बचाव का परामर्श ले सकते हैं। कहा कि किसान प्रति लीटर पानी में 1 ग्राम थायोफिनिटेमिथिल (रोको) का छिड़काव कर सकते हैं। कृषि प्रसार अधिकारी किसानों के खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। बारिश न होने और जमीन में आर्द्रता बढ़ने की वजह से जड़ गलन रोग फैलता है।
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