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Mandi News: 36 दिन बाद घर लौटेंगे बड़ा देव कमरूनाग, ज्यूंणी घाटी में उत्सव का माहौल
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मंडी शिवरात्रि समेत डेढ़ सौ से अधिक मेहमाननवाजी को निपटाकर आज लौटेंगे बड़ा देव
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। करीब 36 दिन के लंबे अंतराल के बाद मंडी जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग शनिवार को अपने पुजारी के घर गोत गांव पहुंचेंगे। देवता की घर वापसी को लेकर ज्यूंणी घाटी सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्सव का माहौल है। श्रद्धालु अपने आराध्य देव के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं।
बड़ा देव कमरूनाग 6 फरवरी को गोत गांव से लाव-लश्कर के साथ मंडी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने के लिए रवाना हुए थे। देव परंपरा के अनुसार देवता के मंडी पहुंचने के बाद ही शिवरात्रि महोत्सव के धार्मिक कार्यक्रम विधिवत शुरू होते हैं। इसी कारण देव कमरूनाग हर वर्ष शिवरात्रि मेले से लगभग एक सप्ताह पहले छोटी काशी मंडी के लिए प्रस्थान करते हैं। देवता शुक्रवार को चैलचौक पहुंच गए हैं। यहां से शाम को पठान गांव में अंतिम मेहमाननवाजी पूरी करने के बाद देव रथ गोत गांव के लिए रवाना होगा। शनिवार को ज्यूंणी घाटी में श्रद्धालु अपने आराध्य देव का भव्य स्वागत करेंगे और उन्हें पलकों पर बैठाकर गांव तक लाया जाएगा।
देव कमरूनाग को मंडी जनपद का सबसे बड़ा देवता माना जाता है और देव समाज में उनकी विशेष आस्था है। एक महीने से अधिक समय बाद देवता के अपने मूल स्थान पर लौटने की खबर से पूरे क्षेत्र में उत्साह है। बताया जा रहा है कि इस बार देवता ने करीब डेढ़ सौ से अधिक मेहमाननवाजियां पूरी की हैं। उधर, एसडीएम गोहर देवीराम ने बताया कि देव परंपरा के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोहर (मंडी)। करीब 36 दिन के लंबे अंतराल के बाद मंडी जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग शनिवार को अपने पुजारी के घर गोत गांव पहुंचेंगे। देवता की घर वापसी को लेकर ज्यूंणी घाटी सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्सव का माहौल है। श्रद्धालु अपने आराध्य देव के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं।
बड़ा देव कमरूनाग 6 फरवरी को गोत गांव से लाव-लश्कर के साथ मंडी अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने के लिए रवाना हुए थे। देव परंपरा के अनुसार देवता के मंडी पहुंचने के बाद ही शिवरात्रि महोत्सव के धार्मिक कार्यक्रम विधिवत शुरू होते हैं। इसी कारण देव कमरूनाग हर वर्ष शिवरात्रि मेले से लगभग एक सप्ताह पहले छोटी काशी मंडी के लिए प्रस्थान करते हैं। देवता शुक्रवार को चैलचौक पहुंच गए हैं। यहां से शाम को पठान गांव में अंतिम मेहमाननवाजी पूरी करने के बाद देव रथ गोत गांव के लिए रवाना होगा। शनिवार को ज्यूंणी घाटी में श्रद्धालु अपने आराध्य देव का भव्य स्वागत करेंगे और उन्हें पलकों पर बैठाकर गांव तक लाया जाएगा।
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देव कमरूनाग को मंडी जनपद का सबसे बड़ा देवता माना जाता है और देव समाज में उनकी विशेष आस्था है। एक महीने से अधिक समय बाद देवता के अपने मूल स्थान पर लौटने की खबर से पूरे क्षेत्र में उत्साह है। बताया जा रहा है कि इस बार देवता ने करीब डेढ़ सौ से अधिक मेहमाननवाजियां पूरी की हैं। उधर, एसडीएम गोहर देवीराम ने बताया कि देव परंपरा के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
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