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युवती को अगवा करने के आरोपी बरी
मंडी।
Updated Fri, 01 Apr 2016 07:42 PM IST
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मंडी। युवती को अगवा करने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने एक आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अभियोग को संदेह की छाया से दूर साबित नहीं कर सका है।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलदेव सिंह के न्यायालय ने जिला बिलासपुर के डियारा सेक्टर निवासी अतुल मेहता के खिलाफ भादंसं की धारा 366 के तहत युवती को अगवा करने का अभियोग साबित न होने पर उसे बरी करने का फैसला सुनाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता ने नेरचौक में ड्राइविंग स्कूल में दाखिला लिया हुआ था। जब वह संस्थान को जा रही थी तो आरोपी उसे रास्ते में मिला और उसने पीड़िता का मुंह बंद करके उसे घसीटते हुए कार में डाल दिया। आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने शोर मचाया तो वह उसे जान से मार देगा।
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रास्ते में पीड़िता ने कार चालक को बताया था कि वह आरोपी से शादी नहीं करना चाहती। घटना के बाद पीडिता ने अपने परिजनों के साथ सुंदरनगर थाना में इस बारे में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। जबकि बचाव पक्ष का यह कहना था कि आरोपी पीड़िता को पिछले तीन साल से जानता था और उनकी शादी भी तय कर दी गई थी। लेकिन बाद में पीड़िता के परिजनों ने आरोपी को जमीन खरीद करने व इसमें मकान बनाने की शर्त रख दी। आरोपी ने इस शर्त को मानने से इंकार कर दिया।
हालांकि आरोपी ने पीड़िता को कुछ गहने और नकदी बतौर गिफ्ट दी थी। इसके अलावा एक एलआईसी की पॉलिसी भी पीड़िता की खुलवाई थी। कार चालक ने अपने बयान में कहा कि पीड़िता कई बार कार में अपने रिश्तेदारों के साथ बैठी थी लेकिन उसे अगवा नहीं किया गया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले के महत्वपूर्ण गवाहों ने विरोधाभासी बयान दिए हैं। जिससे आरोपी के खिलाफ संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित नहीं हुआ है। ऐसे में अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का फैसला सुनाया है।