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बोया था एक बीज, खेतों में उग गई हरी और लाल किस्में
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धान का बीज दो किस्म के निकलने से किसानों की शिकायत के बाद खेतों में पहुंची कृषि विभाग की टीम
- फोटो : Mandi
बलद्वाड़ा (मंडी)। बलद्वाड़ा के किसानों ने मेहनत कर खेतों में कृषि विभाग की ओर से मुहैया करवाए विशेष बीज इस आस में बोए थे कि बेहतर किस्म मिलेगी, लेकिन एक किस्म की जगह खेतों में दो किस्म की धान की पौध उग आई है। इसके चलते किसानों के होश फाख्ता हो गए हैं। आनन फानन में सूचना कृषि विभाग को दी गई।
मौके पर पहुंची कृषि विभाग की टीम भी दंग रह गई। खेतों में दो किस्मों का होना पाया गया, जिसमें धान के पौधे एक लाल और एक हरे रंग के मिले हैं। अब बीज की जांच कृषि वैज्ञानिकों की ओर से करवाने की बात कही जा रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। इस बार अच्छा मानसून होने के चलते बेहतर पैदावार की उम्मीद है, लेकिन खेतों में लाल और हरे रंग की धान उग आना चिंता का विषय है।
केस वन
राष्ट्रीय किसान संगठन तहसील बलद्वाड़ा के प्रधान प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि मई महीने में पंजीकृत किसानों को कृषि विभाग की ओर से एचपीआर 2612 धान का फाउंडेशन बीज दिया गया था। किसान जब खेतों में धान की निंदाई करने गए तो देखा कि खेतों में दो वैरायटी के एक लाल और एक सफेद रंग के धान निकल रहे हें। आधे खेत में लाल और आधे खेत में सफेद रंग के धान पाए गए हैं। वह खुद भी इसका शिकार हुए हैं।
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केस टू
वलदेव ठाकुर ने बताया कि उनके खेतों में भी एक धान का बीज बोया गया है, लेकिन फसल दो की लगी है। कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। सरकार और विभाग को इसकी सही तरीके से जांच करनी चाहिए और मुआवजा का प्रावधान करना चाहिए।
-कृषि वैज्ञानिकों से इसकी जांच करवाई जाएगी। विभाग की टीम ने खेतों का दौरा किया है। खेतों में दो वैरायटी के धान के पौधे पाए गए हैं। एक लाल और एक हरे रंग का है। धान एक किस्म का है या दो का है। इसका पता धानों पर फ्लावरिगं आने के बाद ही पता चलेगा।
-भूप सिंह, एसएमएस सरकाघाट
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मौके पर पहुंची कृषि विभाग की टीम भी दंग रह गई। खेतों में दो किस्मों का होना पाया गया, जिसमें धान के पौधे एक लाल और एक हरे रंग के मिले हैं। अब बीज की जांच कृषि वैज्ञानिकों की ओर से करवाने की बात कही जा रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। इस बार अच्छा मानसून होने के चलते बेहतर पैदावार की उम्मीद है, लेकिन खेतों में लाल और हरे रंग की धान उग आना चिंता का विषय है।
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केस वन
राष्ट्रीय किसान संगठन तहसील बलद्वाड़ा के प्रधान प्रकाश चंद शर्मा ने बताया कि मई महीने में पंजीकृत किसानों को कृषि विभाग की ओर से एचपीआर 2612 धान का फाउंडेशन बीज दिया गया था। किसान जब खेतों में धान की निंदाई करने गए तो देखा कि खेतों में दो वैरायटी के एक लाल और एक सफेद रंग के धान निकल रहे हें। आधे खेत में लाल और आधे खेत में सफेद रंग के धान पाए गए हैं। वह खुद भी इसका शिकार हुए हैं।
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वलदेव ठाकुर ने बताया कि उनके खेतों में भी एक धान का बीज बोया गया है, लेकिन फसल दो की लगी है। कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। सरकार और विभाग को इसकी सही तरीके से जांच करनी चाहिए और मुआवजा का प्रावधान करना चाहिए।
-कृषि वैज्ञानिकों से इसकी जांच करवाई जाएगी। विभाग की टीम ने खेतों का दौरा किया है। खेतों में दो वैरायटी के धान के पौधे पाए गए हैं। एक लाल और एक हरे रंग का है। धान एक किस्म का है या दो का है। इसका पता धानों पर फ्लावरिगं आने के बाद ही पता चलेगा।
-भूप सिंह, एसएमएस सरकाघाट