फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal mandi disaster family 11 month nitika people coming forward adopt

Mandi Cloudburst: पूरा परिवार बह गया लेकिन नौ महीने की लाडली चमत्कारी ढंग से बची, कई लोग लेना चाह रहे हैं गोद

Sat, 12 Jul 2025 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: शिमला ब्यूरो Updated Sat, 12 Jul 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
himachal mandi disaster family 11 month nitika people coming forward adopt
मासूम नितिका

विनाशकारी बारिश और भूस्खलन ने सराज के परवाड़ा गांव में कई जिंदगियां दफन कर दीं। यहां मलबे से एक जीवन, एक उम्मीद और एक भविष्य ने फिर जन्म लिया। यह कहानी है नौ महीने की नितिका की, जिसने आंखों के सामने अपने माता-पिता और दादी को खो दिया, लेकिन खुद चमत्कारी ढंग से बच निकलीं। भारी तबाही के बीच मासूम नितिका को मलबे से सही-सलामत निकालना किसी चमत्कार से कम नहीं था। यही कारण है कि आज सभी उसे 'उम्मीद की बच्ची' कहने लगे है।

विज्ञापन


चाची तारा देवी ने नितिका को अपने पास रखा
नितिका को अनाथ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि अब पूरा जिला, पूरा प्रदेश और देश उसका परिवार बनता जा रहा है। जिला प्रशासन ने नितिका के नाम पर दो बैंक खाते खोले हैं। इसमें लोग दान कर रहे हैं। बल्ह की एसडीएम स्मृतिका नेगी जब आपदा प्रभावित स्थल पर पहुंचीं तो मासूम बच्ची को देख उनका दिल भर आया। उन्होंने बच्ची को गोद में उठाया और कहा, यह कोई साधारण बच्ची नहीं, सुपर गर्ल है। उनकी पहल पर ही खाता खोला गया और लोगों से नितिका के लिए मदद की अपील की गई। कई अधिकारियों ने खुद दान किया। फिलहाल नितिका को उसकी चाची तारा देवी ने अपने पास रखा है। उन्होंने उसे अपने ही बच्चे की तरह पालने का संकल्प लिया है।

विज्ञापन

कई लोग लेना चाह रहे हैं गोद
बता दें कि तलवाड़ा गांव में 30 जून की भयंकर त्रासदी में नितिका के पिता नरेश कुमार, दादी पुरणु देवी और माता की बाढ़ में बह जाने से मौत हुई है। बच्ची के पिता, माता और दादी पानी का बहाव दूसरी तरफ मोड़ने में लगे थे और उसी समय तीनों बह गए। पहली जुलाई की सुबह लोगों ने नितिका को रसोईघर में पड़े देखा और उसे सुरक्षित निकाला। कई लोग इस गुड़िया को गोद लेने के लिए आग्रह कर रहे हैं, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह उनके परिवार का एक नन्हा फूल है जिसे वे हरगिज किसी को नहीं देने वाले।

ये भी पढ़ें- Himachal News: अब हिमाचल में भी होगा लाख कीट का पालन और उत्पादन, नेरी कॉलेज के वैज्ञानिकों को मिली सफलता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed