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स्कूल के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया
Mandi
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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नेरचौक (मंडी)। सेंट जेवियर स्कूल कोट में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा है कि सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके परिणामस्वरूप आज शिक्षा में गुणवत्ता आई है। मंडी जिला शिक्षा का हब बन रहा है और यहां शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक संस्थान स्थापित किए गए हैं। बच्चे इस देश का भविष्य हैं, जिन्हें बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना अध्यापकों का परम कर्तव्य बनता है। उन्होंने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेने के लिए सक्षम और परिपक्व बनाकर पूरी तैयारी करवाएं ताकि वे आगे चलकर उच्च पदों पर आसीन होकर प्रदेश व देश की सेवा कर सकें।
प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों की भूमिका की सराहना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के साथ बच्चों को बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर समाज में अहम भूमिका निभा रहे हैं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्प हैं। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें अपनी ऐच्छिक निधि से 7500 रुपये देने की घोषणा की। स्कूल की प्रधानाचार्य डा. फ्रांसीसा ने स्कूल की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बलूम एजूकेशन सोसायटी के प्रधान प्रवीण धीमान, उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुशील पुंडीर, जिला परिषद सदस्य चमन राही, कांग्रेस सचिव सुरेश चौधरी, कांग्रेस के स्थायी सचिव उपेंद्र शर्मा मेडिकल ऑफिसर रती डाऱडी आनंद आदि मौजूद थे।
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इस मौके पर उन्होंने कहा है कि सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके परिणामस्वरूप आज शिक्षा में गुणवत्ता आई है। मंडी जिला शिक्षा का हब बन रहा है और यहां शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक संस्थान स्थापित किए गए हैं। बच्चे इस देश का भविष्य हैं, जिन्हें बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना अध्यापकों का परम कर्तव्य बनता है। उन्होंने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेने के लिए सक्षम और परिपक्व बनाकर पूरी तैयारी करवाएं ताकि वे आगे चलकर उच्च पदों पर आसीन होकर प्रदेश व देश की सेवा कर सकें।
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प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थानों की भूमिका की सराहना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के साथ बच्चों को बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर समाज में अहम भूमिका निभा रहे हैं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्प हैं। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें अपनी ऐच्छिक निधि से 7500 रुपये देने की घोषणा की। स्कूल की प्रधानाचार्य डा. फ्रांसीसा ने स्कूल की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बलूम एजूकेशन सोसायटी के प्रधान प्रवीण धीमान, उच्च शिक्षा उपनिदेशक सुशील पुंडीर, जिला परिषद सदस्य चमन राही, कांग्रेस सचिव सुरेश चौधरी, कांग्रेस के स्थायी सचिव उपेंद्र शर्मा मेडिकल ऑफिसर रती डाऱडी आनंद आदि मौजूद थे।
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