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बकाया फीस भरने के फरमान पर भड़के स्टूडेंट्स
Mandi
Updated Sat, 13 Sep 2014 05:31 AM IST
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मंडी। बल्लभ कॉलेज मंडी में शुक्रवार को स्नातकोत्तर परीक्षा की बढ़ी हुई फीस को जमा करवाने के फरमान पर छात्र-छात्राएं भड़क गए हैं। छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और समस्या का समाधान करने का आग्रह किया। छात्र नई निर्धारित की गई फीस को जमा करवाने से इनकार कर रहे हैं। यदि निर्धारित फीस तय समय पर जमा नहीं करवाई जाती तो छात्र रोल नंबर से वंचित हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा फीस बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत इन दिनों नई परीक्षा फीस वसूली जानी है। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने पुराने फीस स्ट्रक्चर के तहत ही पहले फीस वसूल ली है। अब बढ़ी हुई फीस को भी लिया जा रहा है। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने नोटिस बोर्ड में बकाया फीस जमा करवाने के निर्देश जारी किए। बकाया फीस जमा करवाने के फरमान पर छात्र-छात्राओं में गुस्सा है। स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं की परीक्षा में एमए की 65 से 1200 और एमएससी की 75 से 1400 रुपये कर दी गई है। इन छात्रों को अब 1135 व 1325 रुपये अतिरिक्त फीस भरनी होगी। जिसका छात्र विरोध कर रहे हैं।
उधर, कॉलेज प्राचार्य प्रो. एमएस जम्वाल ने बताया कि प्रदेश विश्वविद्यालय के निर्देशों के मुताबिक बकाया अतिरिक्त बढ़ी हुई फीस छात्रों को जमा करवानी होगी। इस संबंध में कॉलेज नोटिस बोर्ड में सूचना प्रदर्शित कर दी गई है। अगर कोई छात्र निर्धारित फीस जमा नहीं करवाता है तो वह रोल नंबर से वंचित हो सकता है।
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अभिभावकों ने भी किया विरोध
प्रदेश विश्वविद्यालय फीस वृद्धि का अभिभावकों ने भी विरोध करना शुरू किया। पीटीए सदस्य परमा नंद आजाद ने कहा कि प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि को कम करने की मांग की।
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जानकारी के अनुसार प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा फीस बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत इन दिनों नई परीक्षा फीस वसूली जानी है। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने पुराने फीस स्ट्रक्चर के तहत ही पहले फीस वसूल ली है। अब बढ़ी हुई फीस को भी लिया जा रहा है। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने नोटिस बोर्ड में बकाया फीस जमा करवाने के निर्देश जारी किए। बकाया फीस जमा करवाने के फरमान पर छात्र-छात्राओं में गुस्सा है। स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं की परीक्षा में एमए की 65 से 1200 और एमएससी की 75 से 1400 रुपये कर दी गई है। इन छात्रों को अब 1135 व 1325 रुपये अतिरिक्त फीस भरनी होगी। जिसका छात्र विरोध कर रहे हैं।
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उधर, कॉलेज प्राचार्य प्रो. एमएस जम्वाल ने बताया कि प्रदेश विश्वविद्यालय के निर्देशों के मुताबिक बकाया अतिरिक्त बढ़ी हुई फीस छात्रों को जमा करवानी होगी। इस संबंध में कॉलेज नोटिस बोर्ड में सूचना प्रदर्शित कर दी गई है। अगर कोई छात्र निर्धारित फीस जमा नहीं करवाता है तो वह रोल नंबर से वंचित हो सकता है।
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अभिभावकों ने भी किया विरोध
प्रदेश विश्वविद्यालय फीस वृद्धि का अभिभावकों ने भी विरोध करना शुरू किया। पीटीए सदस्य परमा नंद आजाद ने कहा कि प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि को कम करने की मांग की।