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टैक्स पर विद्युत बोर्ड और नप में तनातनी
Mandi
Updated Wed, 09 Jul 2014 05:32 AM IST
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मंडी। स्ट्रीट लाइटों का बिल चुकाने के लिए सरकार की ओर से नगर परिषद मंडी की वार्षिक ग्रांट पर रोक लगा दी है। इसके चलते नप की माली हालत अब और खस्ता हो गई है। बिजली बोर्ड और नगर परिषद के बीच भी तनातनी का दौर जारी है।
नगर परिषद ने अब विद्युत बोर्ड से कमेटी टैक्स के रूप में बिजली के बिल पर प्रति यूनिट एक पैसे की दर से मिलने वाली राशि को बढ़ाने की मांग की है। अब इसे बीस गुणा बढ़ाकर 20 पैसे प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव नप की ओर से पारित किया है। इस बारे में नप अध्यक्ष सुशीला सौंखला की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में चरचा की गई। बैठक में बिजली बोर्ड के रवैये पर रोष जाहिर करते हुए नप के पार्षदों ने बिजली बोर्ड की ओर से नगर परिषद को शहर के बिजली बिलों पर प्रति यूनिट एक पैसे की दर को कम बताया। पार्षदों का कहना था कि बिजली बोर्ड नगर परिषद को स्ट्रीट लाइट् का बिल कमर्शियल दरों पर देता है। ऐसे में बिजली बोर्ड की ओर से बिजली के बिल पर दी जाने वाली एक पैसा प्रति यूनिट की दर भी बहुत कम है। बिजली बोर्ड की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मंडी शहर में कितनी खपत होती है और कितना पैसा नप को दिया जाता है।
हाउस में पारित किया है प्रस्ताव
हाउस में यह प्रस्ताव पारित किया है। बिजली बोर्ड की ओर से बिजली के बिलोें पर एक पैसा प्रति यूनिट की दर से दी जानी वाली राशि को 20 पैसे प्रति यूनिट करने की मांग की है। बोर्ड की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया है कि मंडी शहर में कितनी बिजली की खपत होती है और कितनी राशि नप के हिस्से में आनी है।
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--सुशीला सोंखला, नप अध्यक्ष।
रेगुलेटरी कमीशन लेता है फैसला
बिजली के बिलों की दरों और अन्य मामलों को प्रदेश राज्य रेगुलेटरी कमीशन ही तय करता है। ऐसे में अगर नगर परिषद की ओर से पारित प्रस्ताव पर कमीशन जो भी निर्णय लेगा बिजली बोर्ड उस पर अमल करेगा। अपने स्तर पर बिजली बोर्ड इस मामले में फैसला नहीं ले सकता है।
-देशराज, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड मंडी
नगर परिषद ने अब विद्युत बोर्ड से कमेटी टैक्स के रूप में बिजली के बिल पर प्रति यूनिट एक पैसे की दर से मिलने वाली राशि को बढ़ाने की मांग की है। अब इसे बीस गुणा बढ़ाकर 20 पैसे प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव नप की ओर से पारित किया है। इस बारे में नप अध्यक्ष सुशीला सौंखला की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में चरचा की गई। बैठक में बिजली बोर्ड के रवैये पर रोष जाहिर करते हुए नप के पार्षदों ने बिजली बोर्ड की ओर से नगर परिषद को शहर के बिजली बिलों पर प्रति यूनिट एक पैसे की दर को कम बताया। पार्षदों का कहना था कि बिजली बोर्ड नगर परिषद को स्ट्रीट लाइट् का बिल कमर्शियल दरों पर देता है। ऐसे में बिजली बोर्ड की ओर से बिजली के बिल पर दी जाने वाली एक पैसा प्रति यूनिट की दर भी बहुत कम है। बिजली बोर्ड की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मंडी शहर में कितनी खपत होती है और कितना पैसा नप को दिया जाता है।
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हाउस में पारित किया है प्रस्ताव
हाउस में यह प्रस्ताव पारित किया है। बिजली बोर्ड की ओर से बिजली के बिलोें पर एक पैसा प्रति यूनिट की दर से दी जानी वाली राशि को 20 पैसे प्रति यूनिट करने की मांग की है। बोर्ड की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया है कि मंडी शहर में कितनी बिजली की खपत होती है और कितनी राशि नप के हिस्से में आनी है।
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--सुशीला सोंखला, नप अध्यक्ष।
रेगुलेटरी कमीशन लेता है फैसला
बिजली के बिलों की दरों और अन्य मामलों को प्रदेश राज्य रेगुलेटरी कमीशन ही तय करता है। ऐसे में अगर नगर परिषद की ओर से पारित प्रस्ताव पर कमीशन जो भी निर्णय लेगा बिजली बोर्ड उस पर अमल करेगा। अपने स्तर पर बिजली बोर्ड इस मामले में फैसला नहीं ले सकता है।
-देशराज, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड मंडी