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बांड में बार-बार गलतियों पर जुर्माना
Mandi
Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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मंडी। बीमा पालिसी के बांड में बार-बार गलतियां करने पर बीमा निगम की सेवाओं में कमी करार देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता के पक्ष में 2500 रुपये हर्जाना 30 दिन में अदा करने के आदेश दिए। इसके अलावा निगम को उपभोक्ता के पक्ष में 1500 रुपये शिकायत व्यय भी देना होगा। फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह को जोगिन्द्रनगर के सिनेमाहाल के नजदीक रहने वाले राजेश पुंछी पुत्र नसीब चंद पुंछी की शिकायत को उचित मानते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम के खिलाफ फैसला सुनाया। अधिवक्ता समीर के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने निगम से जीवन सरल पालिसी ली थी। लेकिन उपभोक्ता को जारी पॉलिसी में उनकी जन्मतिथि गलत लिखी थी। इस बारे में पता चलने पर उपभोक्ता ने निगम के कार्यालय में संपर्क किया। उपभोक्ता को डुप्लीकेट पालिसी जारी की गई, लेकिन इस पालिसी में भी उनकी जन्मतिथि को ठीक नहीं किया गया। डुप्लीकेट पालिसी में इसे जारी करने की तिथि के बारे में भी कोई जिक्र नहीं था। इन परिस्थितियों में उपभोक्ता ने फिर से निगम को पालिसी में दुरुस्ती करने के लिए संपर्क किया। यह डुप्लीकेट पालिसी जमा करवाने के बाद उन्हें ताजा पालिसी बांड जारी किया गया। लेकिन हैरानी तो तब हुई जब निगम ने इस बार जारी किए गए पालिसी बांड में मैच्योरिटी राशि 3,38,240 से घटा कर 1,90,460 कर दी। वहीं, प्रीमियम भी 6065 से 3062 कर दिया था। हालांकि इस पालिसी में जन्मतिथि को ठीक कर दिया गया था। जब उपभोक्ता ने निगम को इन गलतियों को ठीक करने को कहा तो उन्होंने इसे ठीक नहीं किया। ऐसे में उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने बार-बार की जा रही गलतियों को ठीक करने में बरती लापरवाही को निगम की सेवाओं में कमी माना।
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