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दूषित पानी से लोगों को बीमारी की चपेट में आने का भय
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अमर उजाला ब्यूरो
पधर (मंडी)। ग्राम पंचायत नागधार के हटौण में दूषित पानी की आपूर्ति से ग्रामीणों को जलजनित रोग की चपेट में आने का डर सता रहा है। ग्रामीणों का विभाग पर आरोप है कि उन्हें पिछले पांच दिन से गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। विभाग को सूचित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष है। गंदे पानी को गांव के लोग तो दूर पशु भी नहीं पी रहे हैं।
क्षेत्रवासी नागेंद्र ठाकुर, लोक सिंह, गीता नंद, हरीश ठाकुर, अमित ठाकुर, मीनू, यादविंद्र ठाकुर सहित अन्य का कहना है कि विभाग की ओ से दूषित पानी की आपूर्ति से लोगों में भय का माहौल है। हाल ही में हुई बारिश के दौरान जागरनाला में भूस्खलन हुआ है, जिससे मलबा मुख्य पानी के सोर्स में मिल गया है। यहां फिल्टर टैंक न होने से मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों ने सोर्स पर फिल्टर टैंक का निर्माण करने की मांग भी आइपीएच विभाग से की है। वहीं, नागधार के पंचायत प्रधान दलीप सिंह का कहना है कि जल्द पानी की सप्लाई को साफ किया जाए। वहीं, आईपीएच के जेई बलबीर ठाकुर का कहना है कि पानी लिफ्ट न होने से पुरानी ग्रेवटी की स्कीम के पानी को री स्टोर किया गया था, जिससे सिल्ट का प्रवाह हुआ है। सप्लाई को विभाग ने बंद कर दिया था।
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पधर (मंडी)। ग्राम पंचायत नागधार के हटौण में दूषित पानी की आपूर्ति से ग्रामीणों को जलजनित रोग की चपेट में आने का डर सता रहा है। ग्रामीणों का विभाग पर आरोप है कि उन्हें पिछले पांच दिन से गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। विभाग को सूचित करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष है। गंदे पानी को गांव के लोग तो दूर पशु भी नहीं पी रहे हैं।
क्षेत्रवासी नागेंद्र ठाकुर, लोक सिंह, गीता नंद, हरीश ठाकुर, अमित ठाकुर, मीनू, यादविंद्र ठाकुर सहित अन्य का कहना है कि विभाग की ओ से दूषित पानी की आपूर्ति से लोगों में भय का माहौल है। हाल ही में हुई बारिश के दौरान जागरनाला में भूस्खलन हुआ है, जिससे मलबा मुख्य पानी के सोर्स में मिल गया है। यहां फिल्टर टैंक न होने से मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों ने सोर्स पर फिल्टर टैंक का निर्माण करने की मांग भी आइपीएच विभाग से की है। वहीं, नागधार के पंचायत प्रधान दलीप सिंह का कहना है कि जल्द पानी की सप्लाई को साफ किया जाए। वहीं, आईपीएच के जेई बलबीर ठाकुर का कहना है कि पानी लिफ्ट न होने से पुरानी ग्रेवटी की स्कीम के पानी को री स्टोर किया गया था, जिससे सिल्ट का प्रवाह हुआ है। सप्लाई को विभाग ने बंद कर दिया था।
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