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मंडी शहर की खुशहाली को देव आदि ब्रह्मा ने बांधी कार
Updated Wed, 21 Feb 2018 09:52 PM IST
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शहर की खुशहाली को देव आदि ब्रह्मा ने बांधी कार
मंडी। प्राचीन परंपरा के अनुसार उत्तरशाल क्षेत्र के देव आदि ब्रह्मा ने मंडी शहर की परिक्रमा कर खुशहाली के लिए कार बांधी। देवता के साथ सैकड़ों लोग वाद्य यंत्रों पर तलवारों के साथ नाचते गाते हुए चल रहे थे। वहीं, टारना मंदिर में सात दिनों से ठहरे बड़ादेव कमरूनाग ने देवी-देवताओं को विदा करने के लिए चौहटा जातर पहुंचे। इसके बाद सेरी मंच की पौड़ियों के पास थोड़ी देर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। मंडी शहर की खुशहाली और समृद्धि के लिए देव आदि ब्रह्मा ने कार बांधी। देव रथ के साथ गूर ने दस बजे के करीब शहर की परिक्रमा करते हुए नगर वासियों की सुख समृद्धि के लिए कामना की। इस दौरान देवता के देवलुओं ने जौ के आटे का गुलाल की तरह हवा में उछाल कर बुरी आत्माओं को दूर रहने का आह्वान किया। परिक्रमा कर देवता के साथ देवलु पारंपरिक वाद्य यंत्रों के नाचते-गाते हुए चल रहे थे। इसके बाद सेरी मंच पर देव के गूर ने तलवार के साथ कई करतब भी दिखाए। सेरी मंच पर बड़ादेव कमरूनाग के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लग गई।
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मंडी। प्राचीन परंपरा के अनुसार उत्तरशाल क्षेत्र के देव आदि ब्रह्मा ने मंडी शहर की परिक्रमा कर खुशहाली के लिए कार बांधी। देवता के साथ सैकड़ों लोग वाद्य यंत्रों पर तलवारों के साथ नाचते गाते हुए चल रहे थे। वहीं, टारना मंदिर में सात दिनों से ठहरे बड़ादेव कमरूनाग ने देवी-देवताओं को विदा करने के लिए चौहटा जातर पहुंचे। इसके बाद सेरी मंच की पौड़ियों के पास थोड़ी देर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। मंडी शहर की खुशहाली और समृद्धि के लिए देव आदि ब्रह्मा ने कार बांधी। देव रथ के साथ गूर ने दस बजे के करीब शहर की परिक्रमा करते हुए नगर वासियों की सुख समृद्धि के लिए कामना की। इस दौरान देवता के देवलुओं ने जौ के आटे का गुलाल की तरह हवा में उछाल कर बुरी आत्माओं को दूर रहने का आह्वान किया। परिक्रमा कर देवता के साथ देवलु पारंपरिक वाद्य यंत्रों के नाचते-गाते हुए चल रहे थे। इसके बाद सेरी मंच पर देव के गूर ने तलवार के साथ कई करतब भी दिखाए। सेरी मंच पर बड़ादेव कमरूनाग के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लग गई।