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आवारा पशुओं से निजात दिलाओं अन्यथा मतदान का करेंगे बहिष्कार

Mon, 11 Mar 2019 10:35 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2019 10:35 PM IST
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आवारा पशुओं से निजात दिलाओं अन्यथा मतदान का करेंगे बहिष्कार
आवारा पशुओं से निजात दिलाओ
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बरना मतदान का करेंगे बहिष्कार
नाचन की महादेव पंचायत के पीड़ित किसानों ने दी चेतावनी
गोसदन निर्माण को लेकर पंचायत पर कार्रवाई न करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)। उपमंडल की महादेव ग्राम पंचायत के बाशिंदे लावारिस पशुओं के आतंक से बेहद परेशान हैं। हालत यह है कि रात होते ही दर्जनों जानवर किसानों के खेतों में पहुंच कर उनकी फसल को चट कर रहे हैं। किसानों ने सरकार को चेताया है कि अगर उनकी समस्या का समाधान जल्द न किया गया तो वे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर अपना विरोध जताएंगे। इससे जहां किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं इनकी आपसी लड़ाई से राहगीरों को भी भय बना रहता है। पंचायत में कुछ वर्षों में दो लोगों की लावारिस पशुओं के हमले से अकाल मौत हो चुकी है, जिसके बाद भी पंचायत और सरकार जागी नहीं है।

किसान लेखराज, राजेश चौहान, पूरनू देवी, सुखराम, श्याम लाल, कृष्ण चंद महादेविया, अच्छरू राम और मुनि लाल ने बताया उनके गेहूं के खेत लावारिस पशुओं ने बरबाद कर दिए हैं। जो बाड़ खेतों के चारों ओर लगाई हुई है, उन्हें भी इन जानवरों ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया इस नुकसान का एक कारण पंचायत की लापरवाही भी है। पंचायत ने मनरेगा के तहत सड़क और रास्ते तो बना दिए हैं, लेकिन उनकी कोई बाड़बंदी नहीं की गई है। पंचायत की ओर से गोसदन निर्माण को लेकर भी कोई संजीदा प्रयास नहीं किए गए हैं, जबकि हर पंचायत में गोसदन खोलने को लेकर उच्च न्यायालय ने सरकार को आदेश दिए है। पंचायत क्षेत्र में ईंट के भट्ठों के लिए निकाली जा रही मिट्टी के कारण बने रास्तों से भी ये पशु रात को फसल चरने आते हैं, लेकिन प्रशासन और पंचायत भट्ठा मालिकों को बुलाकर उनसे जवाब तलब करने में कतराते हैं। मामला नाचन के विधायक के समक्ष भी उठाया गया है, लेकिन सत्ता के नशे में मदमस्त जनप्रतिनिधि भी किसानों की समस्या का समाधान करवाने में विफल साबित हुए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पंचायत में खेत रक्षक चौकीदारों की तैनाती की जाए और किसानों को उनके नुकसान का मुआवजा प्रदान किया जाएगा। अन्यथा ग्रामीण लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार कर अपना विरोध जताएंगे।
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