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देव कारज में होगा 28 देवी-देवताओं का मिलन
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:58 PM IST
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बालीचौकी (मंडी)। ग्राम पंचायत शिवाथाना के आराध्य देवता नगलबाणी धार मंदिर की प्रतिष्ठा 27 और 28 को धूमधाम से होगी। जिसमें समस्त हारों के हजारों लोग शिरकत करेंगे। मेले में 28 छोटे-बड़े देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है। देव कारज में इन देवी देवताओं के भव्य देव मिलन के हजारों लोग गवाह बनेंगे। करीब 10 हजार से अधिक लोगों का इस कारज में पहुंचने का अनुमान हैं।
सोमगाड़ पंचायत के चलौट गांव से भी देवता की हार शुरू हो जाती हैं। स्थानीय लोगों धर्मदास, धनी राम, भीखम राम, भीमसैन, टेकू ठाकुर ने कहा कि देव नगलबाणी का इतिहास चलौट की ठंजेल खानदान से शुरू होता है। नगलबाणी धार पर क्षेत्र के बच्चे गाय चराने जाते थे। इसी दौरान गाय एक जगह पर जाकर खुद ही दूध देती थी। बच्चों के परिजनों को बच्चों के दूध चुराने का शक होने लगा। लेकिन, जब वह सच्चाई जानने के लिए एक दिन जंगल में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्चे एक जगह पर खेल रहे हैं। जबकि, गाय एक स्थान पर जाकर दूध निकाल रही है। यहां पर बुजुर्ग ने जमीन को खोदा तो शिवलिंग की उत्पत्ति हुई। इसके बाद नगलबाणी धार पर शिवलिंग की स्थापना हुई और भगवान को देव नगलबाणी के नाम से जाना जाने लगा।
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सोमगाड़ पंचायत के चलौट गांव से भी देवता की हार शुरू हो जाती हैं। स्थानीय लोगों धर्मदास, धनी राम, भीखम राम, भीमसैन, टेकू ठाकुर ने कहा कि देव नगलबाणी का इतिहास चलौट की ठंजेल खानदान से शुरू होता है। नगलबाणी धार पर क्षेत्र के बच्चे गाय चराने जाते थे। इसी दौरान गाय एक जगह पर जाकर खुद ही दूध देती थी। बच्चों के परिजनों को बच्चों के दूध चुराने का शक होने लगा। लेकिन, जब वह सच्चाई जानने के लिए एक दिन जंगल में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बच्चे एक जगह पर खेल रहे हैं। जबकि, गाय एक स्थान पर जाकर दूध निकाल रही है। यहां पर बुजुर्ग ने जमीन को खोदा तो शिवलिंग की उत्पत्ति हुई। इसके बाद नगलबाणी धार पर शिवलिंग की स्थापना हुई और भगवान को देव नगलबाणी के नाम से जाना जाने लगा।
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