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अब एक छत के नीचे होगा महिला थाना, अस्पताल और अदालत

Fri, 08 Feb 2019 10:06 PM IST
tajinder singh tajinder singh
Updated Fri, 08 Feb 2019 10:06 PM IST
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अब एक छत के नीचे होगा महिला थाना, अस्पताल और अदालत
अमर उजाला ब्यूरो
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धर्मपुर (मंडी)। जिले में प्रदेश का पहला वन स्टॉप केंद्र खुलेगा। इसमें एक ही छत के नीचे महिलाओं के लिए पुलिस थाना, अस्पताल और कानूनी संबंधित मामलों के निपटारे के लिए कोर्ट होगा। यहां ट्रायल भी चलेगा और न्यायाधीश फैसला भी सुनाएंगे। शुक्रवार को धर्मपुर में अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने यह अहम जानकारी महिलाओं के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि इस केंद्र के खुलते ही अब घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं को दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेंगी। उन्हें परामर्श मिलने के साथ ही कानूनी मदद और रहन-सहन जैसी सुविधाएं भी मिल पाएंगी। वन स्टॉप सेंटर में सेंटर एडमिनिस्ट्रेट, केस वर्कर, पैरामेडिकल पर्सनल, पैरा लीगल पर्सनल, कानूनी सहायता वकील, काउंसलर आदि की तैनाती होगी। इनकी सेवाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता करने में ली जाएंगी।
कैसे काम करेगा सेंटर
घरेलू हिंसा, दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे उनकी काउंसलिंग, रिपोर्ट दर्ज, कानूनी सलाह से लेकर अधिवक्ताओं की सलाह एवं उनकी सेवा देने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा पीड़ित महिलाओं को लीगल एडवाइज भी सेंटर में प्रदान की जाएगी।
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112 और शक्ति एप की दी जानकारी
एसपी गुरदेव शर्मा ने इस दौरान महिलाओं और छात्राओं को शक्ति एप की जानकारी दी। उन्होंने यातायात नियमों के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि 1515 नंबर पर पुलिस सहायता एकदम मिलेगी।
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पीड़ित महिलाओं को मिलेगी मदद : वंदना
बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत करते हुए प्रदेश जूविनाइल बोर्ड की सदस्य वंदना गुलेरिया ने कहा कि केंद्रीय महिला कल्याण विभाग ने वन स्टॉप केंद्र के लिए 35 लाख का बजट जारी कर दिया है। घरेलू हिंसा हो या फिर हर प्रकार के महिला उत्पीड़न, अब महिलाओं को त्वरित सहायता मिलेगी।
कली अभी तोड़ोगे तो फूल कब पाओगे,
बेटी को कोख में मारोगे तो बहू कैसे पाओगे
एसडीएम प्रदीप कुमार ने प्रशासन की स्त्री योजना को लेकर अहम जानकारी दी। कहा बेटी की शादी करना ही सब कुछ नहीं है। बेटी का पढ़ा-लिखा होना भी जरूरी है। भ्रूण हत्या को अभिशाप बताते हुए उन्होंने कहा कि कली अभी तोड़ोगे तो फूल कब पाओगे, बेटी को कोख में मारोगे तो बहू कैसे पाओगे? इस दौरान उन्होंने डिजिटल साक्षरता के बारे में जानकारी दी।

महिला मंडलों को दिए 10-10 हजार
अपराजिता कार्यक्रम में महिला मंडलों की प्रस्तुतियों ने खूब वाहवाही लूटी। महिलाओं ने अपराजिता मुहिम का समर्थन करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान मंच पर चोलथरा और चलैली महिला मंडल को 10-10 हजार की घोषणा भी की। इस दौरान प्रिंसिपल रिखी राम कौंडल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आठ सौ ज्यादा महिलाओं और छात्राओं ने शिरकत की।
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