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नगर परिषद मंडी की सरदारी से कांग्रेस नप अध्यक्ष का इस्तीफा
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:08 PM IST
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मंडी। नगर परिषद मंडी की सरदारी से कांग्रेस नप अध्यक्ष ने इस्तीफे का एलान कर दिया है। कांग्रेस की सरकार बदलने के बाद नगर परिषद मंडी में भाजपा पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव पारित करके तख्तापलट करने की पैंतरेबाजी से पहले ही इस्तीफे की घोषणा से सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थित नगर परिषद अध्यक्ष नीलम शर्मा ने मंगलवार को नप की मासिक बैठक की औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद कुर्सी छोड़ने का खुलासा किया। इससे अब अविश्वास प्रस्ताव सदन में आने से पहले ही नप अध्यक्ष के इस्तीफे से कुर्सी खाली हो गई है। वहीं, भाजपा के खेमे में नए अध्यक्ष के लिए गठजोड़ शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि सीएम जयराम ठाकुर की विश्वासपात्र भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष एवं पार्षद सुमन ठाकुर की ताजपोशी अब जल्द ही अध्यक्ष पद पर हो सकती है। इसके लिए अंदरखाते पार्षदों में सहमति बन गई है।
अमर उजाला की खबर पर लगी मुहर
अमर उजाला ने 29 दिसंबर के संस्करण में ही कांग्रेस से छिन सकती है नगर परिषद की सरदारी शीर्षक से प्रमुखता से खबर छापी थी। अध्यक्ष के इस्तीफे से अमर उजाला की खबर पर मुहर लग गई है। भाजपा सरकार और मंत्री अनिल शर्मा के भाजपा में शामिल होने के बाद से तख्ता पलट के आसार बढ़ गए थे। साल के अंत में भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही नए साल की पहली बैठक में नप अध्यक्ष ने हाउस पूरा होने के बाद इस्तीफे की घोषणा कर दी। जिससे अब नप की कुर्सी खाली हो गई है।
कांग्रेसी पार्षद
अध्यक्ष नीलम शर्मा, अलकनंदा हांडा, बंसी लाल, उर्मिला, सिमरनजीत
मंत्री अनिल शर्मा समर्थित पार्षद
वीरेंद्र भट्ट वर्तमान उपाध्यक्ष, पुष्पराज कात्यायान, जितेंद्र, नेहा कुमारी।
भाजपा पार्षद
पूर्व उपाध्यक्ष एवं पार्षद विशाल ठाकुर, सुमन ठाकुर, निर्मला शर्मा, माधुरी कपूर।
बदले समीकरण में दिया इस्तीफा : नीलम
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम शर्मा ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। हाउस पूरा होने के बाद इस्तीफे की घोषणा की है। अभी लिखित इस्तीफा नहीं दिया है। शहर के विकास के लिए यह जरूरी था। जब मैं नप अध्यक्षा बनी थी तो उस समय भाजपा पार्षदों ने सीएम जयराम ठाकुर के कहने पर उन्हें समर्थन दिया था। नप के सदन में पारिवारिक माहौल था। मैं नहीं चाहती थी कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए। अब तक शहर में दोनों दलों के पार्षदों के साथ से विकास कार्य करवाएं है। मुझे कुर्सी से कोई मोह नहीं है। कुर्सी की इज्जत करती हूं। अब जिसे नप की कमान मिलेगी उन्हें पूरा समर्थन दिया जाएगा। यदि सर्वसम्मति से किसी को कमान सौंपी जाती है तो बेहद खुशी होगी।
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अमर उजाला की खबर पर लगी मुहर
अमर उजाला ने 29 दिसंबर के संस्करण में ही कांग्रेस से छिन सकती है नगर परिषद की सरदारी शीर्षक से प्रमुखता से खबर छापी थी। अध्यक्ष के इस्तीफे से अमर उजाला की खबर पर मुहर लग गई है। भाजपा सरकार और मंत्री अनिल शर्मा के भाजपा में शामिल होने के बाद से तख्ता पलट के आसार बढ़ गए थे। साल के अंत में भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही नए साल की पहली बैठक में नप अध्यक्ष ने हाउस पूरा होने के बाद इस्तीफे की घोषणा कर दी। जिससे अब नप की कुर्सी खाली हो गई है।
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कांग्रेसी पार्षद
अध्यक्ष नीलम शर्मा, अलकनंदा हांडा, बंसी लाल, उर्मिला, सिमरनजीत
मंत्री अनिल शर्मा समर्थित पार्षद
वीरेंद्र भट्ट वर्तमान उपाध्यक्ष, पुष्पराज कात्यायान, जितेंद्र, नेहा कुमारी।
भाजपा पार्षद
पूर्व उपाध्यक्ष एवं पार्षद विशाल ठाकुर, सुमन ठाकुर, निर्मला शर्मा, माधुरी कपूर।
बदले समीकरण में दिया इस्तीफा : नीलम
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम शर्मा ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। हाउस पूरा होने के बाद इस्तीफे की घोषणा की है। अभी लिखित इस्तीफा नहीं दिया है। शहर के विकास के लिए यह जरूरी था। जब मैं नप अध्यक्षा बनी थी तो उस समय भाजपा पार्षदों ने सीएम जयराम ठाकुर के कहने पर उन्हें समर्थन दिया था। नप के सदन में पारिवारिक माहौल था। मैं नहीं चाहती थी कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए। अब तक शहर में दोनों दलों के पार्षदों के साथ से विकास कार्य करवाएं है। मुझे कुर्सी से कोई मोह नहीं है। कुर्सी की इज्जत करती हूं। अब जिसे नप की कमान मिलेगी उन्हें पूरा समर्थन दिया जाएगा। यदि सर्वसम्मति से किसी को कमान सौंपी जाती है तो बेहद खुशी होगी।
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