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विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज से लगाई मलेशिया में गलत लोंगों के चंगुल में फंसे बेटे को भारत वापस लाने की गुहार
Updated Wed, 21 Nov 2018 10:55 PM IST
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विदेश मंत्री से मलयेशिया में फंसे युवक की सुरक्षा की गुहार
मनीष के पिता बोले-बेटे को बताया जा रहा पागल
फोन पर परिवार से की जा रही एक लाख की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मलयेशिया के सिबू में फंसे मनीष के लिए दर-दर भटकने वाले पिता ने अब आखिर में विदेश मंत्रालय भारत सरकार से अपने बेटे की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पिता रेलू राम का कहना है कि उनका 23 वर्ष बेटा मनीष कुमार पिछले आठ माह से सिबू मलयेशिया में एक कैफे में बतौर कुक कार्य कर रहा है। संपूर्ण दस्तावेज और वर्ष अप्रैल 2019 तक वैध वीजा लेकर वह वहां पर कार्य कर रहा है। पिता ने बताया कि बीते शनिवार को होटल के मालिक का अचानक फोन आया कि आपके बेटे की तबीयत खराब हो गई है और वह पागल हो गया है। उसके खर्चे के लिए एक लाख रुपये भेज दीजिए, नहीं तो हम आपके बेटे को घर वापस नहीं भेजेंगे। जब पिता ने बेटे से बात करवाने का आग्रह किया तो उन्होंने बात करवाने से इनकार कर दिया। इसके दो घंटे बाद उनके बेटे के नंबर से फोन आया और बेटे ने कहा कि उसका बुरी तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। उसे जबरदस्ती पागल भी बनाया जा रहा है। पिता का कहना है कि अब लगातार फोन आ रहे हैं और पैसों की मांग की जा रही है नहीं तो वह उनके बेटे को पागल खाने में भर्ती करा देंगे। ये लोग उनके बेटे की पागल दिखने वाली तस्वीरें भी फोन पर भेज रहे हैं। इससे उसकी मां शकुंतला देवी और पिता रेलू राम बहुत चिंतित हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से आग्रह किया है कि उनके बेटे को सुरक्षा प्रदान की जाए। स्थानीय अधिवक्ता रजनीश भारती ने बताया कि पीड़ित परिवार एक गरीब परिवार है। इनकी समस्या को मद्देनजर रखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय सुषमा स्वराज, भारत में उपस्थित मलयेशिया के दूतावास मलयेशिया कुयालालुम्पुर में स्थित भारत के दूतावास, सिबू, पुलिस विभाग मलयेशिया एस्टेट, प्रेसिडेंट मानवाधिकार हिमाचल प्रदेश, एडीसी मंडी, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को जरूरी दस्तावेज भेजकर मनीष कुमार को भारत वापस भेजने का आग्रह किया है।
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मनीष के पिता बोले-बेटे को बताया जा रहा पागल
फोन पर परिवार से की जा रही एक लाख की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मलयेशिया के सिबू में फंसे मनीष के लिए दर-दर भटकने वाले पिता ने अब आखिर में विदेश मंत्रालय भारत सरकार से अपने बेटे की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पिता रेलू राम का कहना है कि उनका 23 वर्ष बेटा मनीष कुमार पिछले आठ माह से सिबू मलयेशिया में एक कैफे में बतौर कुक कार्य कर रहा है। संपूर्ण दस्तावेज और वर्ष अप्रैल 2019 तक वैध वीजा लेकर वह वहां पर कार्य कर रहा है। पिता ने बताया कि बीते शनिवार को होटल के मालिक का अचानक फोन आया कि आपके बेटे की तबीयत खराब हो गई है और वह पागल हो गया है। उसके खर्चे के लिए एक लाख रुपये भेज दीजिए, नहीं तो हम आपके बेटे को घर वापस नहीं भेजेंगे। जब पिता ने बेटे से बात करवाने का आग्रह किया तो उन्होंने बात करवाने से इनकार कर दिया। इसके दो घंटे बाद उनके बेटे के नंबर से फोन आया और बेटे ने कहा कि उसका बुरी तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। उसे जबरदस्ती पागल भी बनाया जा रहा है। पिता का कहना है कि अब लगातार फोन आ रहे हैं और पैसों की मांग की जा रही है नहीं तो वह उनके बेटे को पागल खाने में भर्ती करा देंगे। ये लोग उनके बेटे की पागल दिखने वाली तस्वीरें भी फोन पर भेज रहे हैं। इससे उसकी मां शकुंतला देवी और पिता रेलू राम बहुत चिंतित हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से आग्रह किया है कि उनके बेटे को सुरक्षा प्रदान की जाए। स्थानीय अधिवक्ता रजनीश भारती ने बताया कि पीड़ित परिवार एक गरीब परिवार है। इनकी समस्या को मद्देनजर रखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय सुषमा स्वराज, भारत में उपस्थित मलयेशिया के दूतावास मलयेशिया कुयालालुम्पुर में स्थित भारत के दूतावास, सिबू, पुलिस विभाग मलयेशिया एस्टेट, प्रेसिडेंट मानवाधिकार हिमाचल प्रदेश, एडीसी मंडी, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को जरूरी दस्तावेज भेजकर मनीष कुमार को भारत वापस भेजने का आग्रह किया है।