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लांस नायक कश्मीर सिंह को शौर्य चक्र का सम्मान
Updated Wed, 25 Apr 2018 11:02 PM IST
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सरकाघाट (मंडी)। सरकाघाट के ब्रांग पंचायत के बैरी गांव के लांस नायक कश्मीर सिंह को अगस्त 2016 में जख्मी होने के बावजूद दो खूंखार आतंकवादियों का खात्मा करने पर शौर्य चक्र से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान दिल्ली में 23 अप्रैल की शाम आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में मिला है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें इस पुरस्कार से अलंकृत किया है।
अगस्त 2016 में जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में लांस नायक कश्मीर सिंह आतंकवादियों के खात्मे के लिए तैनात टुकड़ी का हिस्सा रहे। इस टुकड़ी ने 2016 में दो आतंक वादियों को जम्मू और कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में घेरा। इस दौरान आतंकियों ने भीषण गोलाबारी शुरू कर दी। जिससे लास नायक कश्मीर सिंह बुरी तरह जख्मी हो गए। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवादियों पर लगातार गोलाबारी जारी रखी। जिसके चलते टुकड़ी के बाकी साथियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने एक आतंकवादी के बेहद नजदीक जाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरे आतंकवादी को भागने से रोकने के लिए अथक प्रयास किए और एक मोरचे से उसे घेर कर रखा। आतंकवादी ने जब दूसरी ओर से भागने का प्रयास किया तो टुकड़ी के अन्य जवानों ने उसे गोली का निशाना बना कर ढेर कर दिया। इस आतंकी को ढेर करने में भी कश्मीर ने अदम्य साहस का परिचय दिया। पिता अमर सिंह ठाकुर और मां सत्या देवी के घर में जन्मे कश्मीर सिंह ने क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन किया है।
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अगस्त 2016 में जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में लांस नायक कश्मीर सिंह आतंकवादियों के खात्मे के लिए तैनात टुकड़ी का हिस्सा रहे। इस टुकड़ी ने 2016 में दो आतंक वादियों को जम्मू और कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में घेरा। इस दौरान आतंकियों ने भीषण गोलाबारी शुरू कर दी। जिससे लास नायक कश्मीर सिंह बुरी तरह जख्मी हो गए। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकवादियों पर लगातार गोलाबारी जारी रखी। जिसके चलते टुकड़ी के बाकी साथियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने एक आतंकवादी के बेहद नजदीक जाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरे आतंकवादी को भागने से रोकने के लिए अथक प्रयास किए और एक मोरचे से उसे घेर कर रखा। आतंकवादी ने जब दूसरी ओर से भागने का प्रयास किया तो टुकड़ी के अन्य जवानों ने उसे गोली का निशाना बना कर ढेर कर दिया। इस आतंकी को ढेर करने में भी कश्मीर ने अदम्य साहस का परिचय दिया। पिता अमर सिंह ठाकुर और मां सत्या देवी के घर में जन्मे कश्मीर सिंह ने क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन किया है।
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