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सेवानिवृत सीनियर मैनेजर के रिटायरमेंट लाभ से काटे 3.64 लाख दो माह में लौटाने के आदेश
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:38 PM IST
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मंडी। डीके शर्मा न्यायिक सदस्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने मंडी सर्किट के दौरान हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन को आदेश दिया है कि सेवानिवृत्त सीनियर मैनेजर के सेवानिवृत्ति लाभ से काटे 3 लाख 64 हजार 387 रुपये ब्याज के साथ लौटाए जाएं। यह रकम दो माह के भीतर लौटाने के आदेश भी दिए हैं। नौ फीसदी ब्याज की दर से रकम लौटाई जाएगी।
याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त सीनियर मैनेजर ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह 30 अप्रैल 2014 को सेवानिवृत्त हुआ। मिल्क फेडरेशन ने 3 लाख 64 हजार 837 रुपये उसके सेवानिवृत्ति लाभ (पैनल रेंट में से) काट लिया। उन्होंने अपने अधिवक्ता सुरेंद्र पाल परमार के माध्यम से ट्रिब्यूनल में केस दायर किया। ट्रिब्यूनल ने यह आदेश पास किया कि उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश के आदेश के अनुसार कर्मचारी को हमीरपुर भेजा गया था तथा उसे चक्कर में सरकारी आवास रखने की अनुमति दी गई थी। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने गलत तरीके से कर्मचारी के पैसे काट लिए गए। ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई करते हुए एमडी को यह आदेश दिया कि प्रार्थी को रकम 9 फीसदी ब्याज के साथ दो महीने के भीतर दी जाए।
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याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त सीनियर मैनेजर ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह 30 अप्रैल 2014 को सेवानिवृत्त हुआ। मिल्क फेडरेशन ने 3 लाख 64 हजार 837 रुपये उसके सेवानिवृत्ति लाभ (पैनल रेंट में से) काट लिया। उन्होंने अपने अधिवक्ता सुरेंद्र पाल परमार के माध्यम से ट्रिब्यूनल में केस दायर किया। ट्रिब्यूनल ने यह आदेश पास किया कि उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश के आदेश के अनुसार कर्मचारी को हमीरपुर भेजा गया था तथा उसे चक्कर में सरकारी आवास रखने की अनुमति दी गई थी। हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने गलत तरीके से कर्मचारी के पैसे काट लिए गए। ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई करते हुए एमडी को यह आदेश दिया कि प्रार्थी को रकम 9 फीसदी ब्याज के साथ दो महीने के भीतर दी जाए।
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