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अग्निकांड : दिसंबर में परीक्षा, न किताबें बचीं न बस्ते
Updated Tue, 31 Oct 2017 11:05 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। दहकते अंगारों को देखते लाचार लोग और राख में अधजली किताबों के पन्नों को उठाते बच्चे। बालीचौकी क्षेत्र के डाहर गांव का कुछ ऐसा दिल दहला देने वाला मंजर मंगलवार को नजर आया। दहकते अंगारों को देख थम थम कर उठती महिलाओं की सिसकियां अभी तक सुनाई दे रही हैं। आंखों के सामने जो जीवन की पूंजी जली तो कलेजा दहल गया। ताउम्र का यह दर्द अब काली कालिख बन नासूर बन रहा है। जिले के बालचौकी क्षेत्र के डाहर गांव के 36 स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। बुंगजलगाहड़ पंचायत स्नो बांड एरिया में आती है। यहां पर शीतकालीन स्कूलों में परीक्षा दिसंबर माह के दूसरे हफ्ते में है। परीक्षा से ठीक एक माह पहले बच्चों की किताबें जल कर राख हो गई। मंगलवार को स्कूली बच्चे दहकते अंगारों और राख के बीच किताबों को ढूंढते नजर आए। कहीं अधजली किताबें लिए बच्चे तितर बितर पन्नों को संजोने की कोशिश कर रहे थे। मंगलवार को डाहर गांव में अंगारे दहकते रहे। करीब 11 बजे तक कई मकानों से रुक-रुककर दहकते अंगारों से धुआं उठता रहा।
भीषण अग्रिकांड में बेघर हुए 33 परिवारों के 36 बच्चे क्षेत्र के तीन शीतकालीन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डीडर में छह, घन्यार में 20 और टिक्की प्राइमरी स्कूल में 10 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इन स्कूलों में परीक्षा दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में है।
प्रधान ने मदद की गुहार लगाई
पंचायत प्रधान मोहिंद्र राणा ने कहा कि इस गांव में एक दर्जन से अधिक बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। यहां पर स्नो बांड एरिया होने के चलते शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाएं दिसंबर माह में है। लेकिन, भीषण अग्रिकांड में न तो किताबें बची हैं और न ही बस्ते। सब कुछ जल कर राख हो गया है। यहां तक की स्कूली वर्दियां भी जलकर खाक हो गई हैं। इन बच्चों की साल भर की मेहनत दांव पर लग गई है। कुल 35 बच्चे क्षेत्र के तीन शीतकालीन स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है।
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हर संभव मदद करेगा विभाग : शर्मा
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी केडी शर्मा ने कहा कि शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाए दिसंबर माह में होंगी। बच्चों को विभाग की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।
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भीषण अग्रिकांड में बेघर हुए 33 परिवारों के 36 बच्चे क्षेत्र के तीन शीतकालीन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डीडर में छह, घन्यार में 20 और टिक्की प्राइमरी स्कूल में 10 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इन स्कूलों में परीक्षा दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह में है।
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प्रधान ने मदद की गुहार लगाई
पंचायत प्रधान मोहिंद्र राणा ने कहा कि इस गांव में एक दर्जन से अधिक बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। यहां पर स्नो बांड एरिया होने के चलते शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाएं दिसंबर माह में है। लेकिन, भीषण अग्रिकांड में न तो किताबें बची हैं और न ही बस्ते। सब कुछ जल कर राख हो गया है। यहां तक की स्कूली वर्दियां भी जलकर खाक हो गई हैं। इन बच्चों की साल भर की मेहनत दांव पर लग गई है। कुल 35 बच्चे क्षेत्र के तीन शीतकालीन स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है।
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हर संभव मदद करेगा विभाग : शर्मा
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी केडी शर्मा ने कहा कि शीतकालीन स्कूलों में परीक्षाए दिसंबर माह में होंगी। बच्चों को विभाग की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।