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Mandi News: देव बनियुरी मंदिर में 21 जोड़ों ने लिए सात फेरे
Thu, 27 Feb 2025 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 27 Feb 2025 12:33 AM IST
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देव बनियुरी मंदिर में शादी को लेकर देवता के समक्ष एक जोड़ा। स्त्रोत- जागरूक पाठक
गोहर (मंडी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देव बनियुरी मंदिर बैला में वैवाहिक आयोजन का विशेष महत्व रहा। इस शुभ दिन पर 21 जोड़ों ने विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। इनमें पंजाब से आए एक जोड़े सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए वर-वधु शामिल रहे। मंदिर परिसर विवाहोत्सव से गुलजार रहा और देर रात तक शहनाई की मंगल ध्वनि गूंजती रही।
मंदिर कमेटी के विवाह पंजीकरणकर्ता पुजारी निधि सिंह ने बताया कि दिनभर विवाह का क्रम चलता रहा और मंदिर प्रशासन द्वारा नवविवाहित जोड़ों को विवाह पंजीकरण पत्र प्रदान किए गए। खास बात यह रही कि यहां बिना कुंडली मिलान के भी विवाह संपन्न कराए जाते हैं।
मान्यता है कि यदि किसी वर-वधु की कुंडली में दोष हों या विवाह में ग्रह दशाएं बाधक बन रही हों, तो देव बालाकामेश्वर बनियुरी की शरण में आने से इन सभी अड़चनों का समाधान हो जाता है। जिन जोड़ों के विवाह में ज्योतिषीय गणना के अनुसार कोई बाधा आती है, वे इस मंदिर में आकर विवाह कर सकते हैं। यहां देवता स्वयं वर-वधु का लग्न सुनिश्चित करते हैं, जिससे अब तक हजारों जोड़े बिना कुंडली मिलान के विवाह कर सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
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विवाह के साथ-साथ भजन-कीर्तन, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए। मंदिर समिति ने आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की थी।
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मंदिर कमेटी के विवाह पंजीकरणकर्ता पुजारी निधि सिंह ने बताया कि दिनभर विवाह का क्रम चलता रहा और मंदिर प्रशासन द्वारा नवविवाहित जोड़ों को विवाह पंजीकरण पत्र प्रदान किए गए। खास बात यह रही कि यहां बिना कुंडली मिलान के भी विवाह संपन्न कराए जाते हैं।
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मान्यता है कि यदि किसी वर-वधु की कुंडली में दोष हों या विवाह में ग्रह दशाएं बाधक बन रही हों, तो देव बालाकामेश्वर बनियुरी की शरण में आने से इन सभी अड़चनों का समाधान हो जाता है। जिन जोड़ों के विवाह में ज्योतिषीय गणना के अनुसार कोई बाधा आती है, वे इस मंदिर में आकर विवाह कर सकते हैं। यहां देवता स्वयं वर-वधु का लग्न सुनिश्चित करते हैं, जिससे अब तक हजारों जोड़े बिना कुंडली मिलान के विवाह कर सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
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विवाह के साथ-साथ भजन-कीर्तन, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए। मंदिर समिति ने आयोजन को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की थी।