{"_id":"68d43b9f94ac3084ae056ba4","slug":"20-houses-in-khanehu-village-are-in-danger-villagers-protested-against-the-removal-of-debris-mandi-news-c-90-1-ssml1045-170818-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: खनेहू गांव के 20 घर खतरे में, ग्रामीणों ने मलबा हटाने का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: खनेहू गांव के 20 घर खतरे में, ग्रामीणों ने मलबा हटाने का किया विरोध
Thu, 25 Sep 2025 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 25 Sep 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
पंडोह (मंडी)। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर पंडोह के समीप कैंची मोड़ के पास खनेहू गांव के ग्रामीण इन दिनों दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं। फोरलेन के लिए कटिंग से कमजोर हुई पहाड़ी लगातार धंस रही है, जिसके कारण गांव के लगभग 20 घर खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थिति बिगड़ने पर एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उन्हें मलबा हटाने की अनुमति नहीं दी।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 की भयंकर बरसात में यह पहाड़ी पहली बार धंसी थी। उस समय प्रशासन ने कुछ अस्थायी कार्य कर सड़क को चालू कर दिया था लेकिन 2025 में हालात और भी भयावह हो गए हैं। इस समय कैंची मोड़ के पास फोरलेन पर केवल एक लेन चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क और पहाड़ी के स्थायी समाधान के लिए पक्के इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक वे फोरलेन किनारे से मलबा नहीं हटाने देंगे। उनका कहना है कि बिना ठोस उपायों के मलबा हटाना केवल तात्कालिक राहत होगी लेकिन खतरा और बढ़ जाएगा।
ग्रामीण अली कहना है कि लापरवाही से ही यह हालात बने हैं। 2023 के बाद से प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। नतीजा यह है कि इस बार बरसात में पहाड़ी और ज्यादा धंस गई और अब पूरा गांव भय के साए में जी रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तुरंत भू-वैज्ञानिक सर्वे कराकर पहाड़ी की मजबूती का आकलन किया जाए। जोखिमग्रस्त परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था हो। पहाड़ी को स्थायी तौर पर सुरक्षित करने के लिए रिटेनिंग वॉल, पाइलिंग और ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाए।
विज्ञापन
जब तक एनएचएआई यहां पहाड़ी धंसने का कोई स्थायी समाधान नहीं करती, तब तक एनएच से मलबा हटाने नहीं दिया जाएगा। 2023 से अब तक एनएचएआई हर बार झूठे बहाने बनाकर मामले को टालता आ रहा है।
-नगीना ठाकुर, स्थानीय निवासी
20 घरों में लोग डर के माहौल में रह रहे हैं। एनएचएआई की नाकामयाबी के कारण ही यह सब हो रहा है। वर्ष 2023 में जब कैंची मोड़ का पुनः निर्माण किया गया था, तब ही पहाड़ी को भी डंगे लगाकर मजबूत किया जाना चाहिए था।
-रफीक, स्थानीय निवासी
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 की भयंकर बरसात में यह पहाड़ी पहली बार धंसी थी। उस समय प्रशासन ने कुछ अस्थायी कार्य कर सड़क को चालू कर दिया था लेकिन 2025 में हालात और भी भयावह हो गए हैं। इस समय कैंची मोड़ के पास फोरलेन पर केवल एक लेन चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क और पहाड़ी के स्थायी समाधान के लिए पक्के इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक वे फोरलेन किनारे से मलबा नहीं हटाने देंगे। उनका कहना है कि बिना ठोस उपायों के मलबा हटाना केवल तात्कालिक राहत होगी लेकिन खतरा और बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीण अली कहना है कि लापरवाही से ही यह हालात बने हैं। 2023 के बाद से प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। नतीजा यह है कि इस बार बरसात में पहाड़ी और ज्यादा धंस गई और अब पूरा गांव भय के साए में जी रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तुरंत भू-वैज्ञानिक सर्वे कराकर पहाड़ी की मजबूती का आकलन किया जाए। जोखिमग्रस्त परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था हो। पहाड़ी को स्थायी तौर पर सुरक्षित करने के लिए रिटेनिंग वॉल, पाइलिंग और ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाए।
विज्ञापन
जब तक एनएचएआई यहां पहाड़ी धंसने का कोई स्थायी समाधान नहीं करती, तब तक एनएच से मलबा हटाने नहीं दिया जाएगा। 2023 से अब तक एनएचएआई हर बार झूठे बहाने बनाकर मामले को टालता आ रहा है।
-नगीना ठाकुर, स्थानीय निवासी
20 घरों में लोग डर के माहौल में रह रहे हैं। एनएचएआई की नाकामयाबी के कारण ही यह सब हो रहा है। वर्ष 2023 में जब कैंची मोड़ का पुनः निर्माण किया गया था, तब ही पहाड़ी को भी डंगे लगाकर मजबूत किया जाना चाहिए था।
-रफीक, स्थानीय निवासी