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वीरभद्र और सुखराम की जंग में हारे मंडी के दो वरिष्ठ मंत्री
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:28 PM IST
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मंडी। दो दशक पहले 1998 में सीएम वीरभद्र सिंह को गच्चा देकर हिमाचल की राजनीति में तूफान लाने वाले पंडित सुखराम ने सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों को शिकस्त देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वर्ष 1998 में जहां पंडित सुखराम ने अपनी पार्टी हिमाचल विकास कांग्रेस (हिविकां) के पांच विधायकों के साथ भाजपा को समर्थन दिया था वहीं, भाजपा विधायकों के लिए विस क्षेत्र द्रंग और बल्ह में प्रचार कर जीत में अहम भूमिका निभाई है। एक ओर जहां बल्ह में भाजपा प्रत्याशी इंद्र सिंह गांधी ने करीब 10 हजार मतों से जीत दर्ज कर आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी को हराया है। वहीं, द्रंग विस क्षेत्र में कांग्रेस सरकार में नंबर दो पर माने जाने वाले स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर को भाजपा प्रत्याशी जवाहर ठाकुर ने हराया है। उनकी शिक्षा को लेकर कई दफा मंत्री कौल सिंह बयान देते रहे हैं। इनकी जीत के पीछे एक तर्क यह भी दिया जा रहा कि दो दफा पहले भी जवाहर ठाकुर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन, वह चुनाव नहीं जीत पाए। अब जब तीसरी दफा उन्हें टिकट मिला और पंडित सुखराम ने वीरभद्र सिंह से रार के चलते जवाहर ठाकुर के लिए द्रंग में प्रचार किया था। करीब 10 दिनों तक दोनों विस क्षेत्रों में पंडित सुखराम ने भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे थे।
विपाशा सदन में उपहास पर उखड़े थे पंडित सुखराम
मंडी के विपाशा सदन में युकां के दो दिवसीय सम्मेलन में सीएम वीरभद्र सिंह ने मंत्री अनिल शर्मा के सामने पंडित सुखराम को आया राम गया राम कहकर खरी खोटी सुनाई थी। जिसके कुछ दिनों बाद पंडित सुखराम परिवार सहित भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पंडित सुखराम और सीएम वीरभद्र सिंह के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। भाजपा में शामिल होने के बाद पंडित सुखराम ने बयान दिया था कि अब अपने लगाए पौधों को उखाड़ने का समय आ गया है। जिसके बाद उनके बेटे अनिल शर्मा भाजपा में शामिल हो गए और चुनाव में जीत हासिल की।
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विपाशा सदन में उपहास पर उखड़े थे पंडित सुखराम
मंडी के विपाशा सदन में युकां के दो दिवसीय सम्मेलन में सीएम वीरभद्र सिंह ने मंत्री अनिल शर्मा के सामने पंडित सुखराम को आया राम गया राम कहकर खरी खोटी सुनाई थी। जिसके कुछ दिनों बाद पंडित सुखराम परिवार सहित भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पंडित सुखराम और सीएम वीरभद्र सिंह के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी। भाजपा में शामिल होने के बाद पंडित सुखराम ने बयान दिया था कि अब अपने लगाए पौधों को उखाड़ने का समय आ गया है। जिसके बाद उनके बेटे अनिल शर्मा भाजपा में शामिल हो गए और चुनाव में जीत हासिल की।
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