फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   बारिश के लिए किसान देव पशाकोट की शरण में

बारिश के लिए किसान देव पशाकोट की शरण में

Sun, 12 Nov 2017 10:04 PM IST
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:04 PM IST
विज्ञापन
बारिश के लिए किसान देव पशाकोट की शरण में
cloud
बरोट/ पधर(मंडी)। नवंबर माह तक बारिश न होने के कारण किसानों की खेती मुरझाने लगी है। काफी हद तक किसानों की आर्थिकी मौसमी खेती पर ही निर्भर है लेकिन, इस बार मौसम की बेरुखी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। खासकर चौहारघाटी में किसानों की पैदावार सबसे अधिक प्रभावित होने के आसार हैं। लिहाजा अब किसान बारिश के लिए देव पशाकोट की शरण में हैं।
विज्ञापन

चौहारघाटी के किसानों की फसलें लहसुन, सरसों, गंदम आदि दो माह से बारिश न होने के चलते सूखने लग गई हैं। वहीं इन फसलों का रंग भी पीला पड़ने लगा है। किसानों को अब इसकी चिंता सता रही है कि कहीं उनकी फसलें बर्बाद न हो जाएं, इसके लिए वह बारिश के देवता देव पशाकोट के सीला डेरा, नाल डेरा, पंजोड़ में बारिश के लिए पूजा-अर्चना कर रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने भारी मात्रा में लहसुन की बिजाई की है। किसानों में राम सरन, प्रेम चंद, नाथ, मंगत राम का कहना है कि लहसुन की आजकल गुड़ाई हो जाती थी, लेकिन बारिश न होने से यह पीला होकर सूखने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि देवता शीघ्र ही मेहरबान होकर बारिश करेंगे।
विज्ञापन


पशाकोट देव से जुड़ी यह है धारणा
चौहारघाटी के तीन मुख्य देवता हैं। जिसमें बड़ादेव हुुरंग नारायण, देव कढ़ौणी नारायण और घाटी देव वजीर पशाकोट हैं। जब भी सूखा पड़ता है तो किसान इन देवताओं की शरण में जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि बारिश की देवियां इन देवों के अंग संग रहती हैं। जब भी बारिश की जरूरत होती है तो इन देवताओं को पहले मनाया जाता है। जिसके बाद देव इन देवियों को मनाते हैं और बारिश होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed