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आनन-फानन में किए उद्घाटन से लोगों में रोष
Updated Mon, 15 Jan 2018 10:09 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)। बैरा-भदरोता-सुरंगा उठाऊ पेयजल योजना का चुनावों से पहले आनन-फानन में उद्घाटन करने से और पेयजल आपूर्ति न होने के चलते उपभोक्ता लामबंद हो गए हैं। चंदैश एवं आसपास के गांवों के लोगों ने इस आधी-अधूरी योजना से लाभ न मिलने पर गहरा रोष जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। चंदेश किसान क्लब सचिव कृष्ण चंद शर्मा, बाबूराम, अमृतलाल, विद्यासागर, निर्मला शर्मा, सुमन कुमारी, जगदीश चंद शर्मा, कुलदीप शर्मा, रामलाल, भागीरथ, मेहर सिंह, शांति देवी, प्रेमी देवी, अंजना कुमारी, रोशन लाल, भीम सिंह, चमनलाल, ललित कुमार आदि का कहना है कि 28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के 71 गांवों के करीब 29760 लोगों को पेयजल आपूर्ति प्रस्तावित थी। लेकिन, योजना का निर्माण कार्य अभी अधूरा ही था और इसका उद्घाटन कर दिया गया और प्रस्तावित 15300 लीटर पानी के टैंक का निर्माण नहीं किया गया। इसके चंदैश, समसौह और गाहर गांवों को पेयजल आपूर्ति करने में विभाग असफल रहा है। इससे इन गांवों में पेयजल संकट बरकरार है। ग्रामीणों ने विभाग के सभी छोटे से लेकर बड़े स्तर के कर्मचारियों से लेकर मुख्य अभियंता तक गुहार लगाई, लेकिन आज तक समस्या का हल नहीं हो पाया है। गुस्साए ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन गांवों के लिए जलरक्षक की नियुक्ति नहीं होती है और पेयजल समस्या का समाधान नहीं होता है तो वे सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे। विभाग के सहायक अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि पेयजल योजना का कुछ निर्माण कार्य अभी शेष है। शीघ्रता से कार्य पूरा करने के बाद सारी समस्याएं हल हो जाएंगी।
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सरकाघाट (मंडी)। बैरा-भदरोता-सुरंगा उठाऊ पेयजल योजना का चुनावों से पहले आनन-फानन में उद्घाटन करने से और पेयजल आपूर्ति न होने के चलते उपभोक्ता लामबंद हो गए हैं। चंदैश एवं आसपास के गांवों के लोगों ने इस आधी-अधूरी योजना से लाभ न मिलने पर गहरा रोष जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। चंदेश किसान क्लब सचिव कृष्ण चंद शर्मा, बाबूराम, अमृतलाल, विद्यासागर, निर्मला शर्मा, सुमन कुमारी, जगदीश चंद शर्मा, कुलदीप शर्मा, रामलाल, भागीरथ, मेहर सिंह, शांति देवी, प्रेमी देवी, अंजना कुमारी, रोशन लाल, भीम सिंह, चमनलाल, ललित कुमार आदि का कहना है कि 28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के 71 गांवों के करीब 29760 लोगों को पेयजल आपूर्ति प्रस्तावित थी। लेकिन, योजना का निर्माण कार्य अभी अधूरा ही था और इसका उद्घाटन कर दिया गया और प्रस्तावित 15300 लीटर पानी के टैंक का निर्माण नहीं किया गया। इसके चंदैश, समसौह और गाहर गांवों को पेयजल आपूर्ति करने में विभाग असफल रहा है। इससे इन गांवों में पेयजल संकट बरकरार है। ग्रामीणों ने विभाग के सभी छोटे से लेकर बड़े स्तर के कर्मचारियों से लेकर मुख्य अभियंता तक गुहार लगाई, लेकिन आज तक समस्या का हल नहीं हो पाया है। गुस्साए ग्रामीणों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन गांवों के लिए जलरक्षक की नियुक्ति नहीं होती है और पेयजल समस्या का समाधान नहीं होता है तो वे सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे। विभाग के सहायक अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि पेयजल योजना का कुछ निर्माण कार्य अभी शेष है। शीघ्रता से कार्य पूरा करने के बाद सारी समस्याएं हल हो जाएंगी।