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नेरचौक के रति बाजार में बारिश के पानी ने मचाई तबाही, दुकानों में पानी घुसा,नुकसान
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:43 PM IST
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नेरचौक (मंडी)। नगर परिषद नेरचौक और लोनिवि की लापरवाही रत्ति बाजार के कारोबारियों पर भारी पड़ी है। बाजार में नालियों के रखरखाव में कमी के चलते मंगलवार तड़के हुई बारिश का पानी दुकानों में घुस गया। जिससे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। बताया जा रहा है कि रत्ति नाले का चैनलाइजेशन न होने से बंद नालियां बारिश के पानी से ओवरफ्लो हो गईं और बाजार दो से तीन फीट तक पानी में डूब गया। सारा गंदा पानी सड़क पर जमा होने के साथ साथ दुकानों के भीतर घुस गया। वहीं, कई स्थानों पर ऊपरी मंजिल में रह रहे लोगों को सड़क पर जमा पानी के बीच निकलना मुश्किल हो गया। कारोबारी दुकानों से पानी निकालते दिखे। साथ ही प्रशासन को भी तत्काल जानकारी दी गई। दूसरी तरफ सुकेती खड्ड भी उफान पर है। वहीं, एसडीएम और नगर परिषद के पदाधिकारियों ने भी प्रभावित बाजार का जायजा लिया। एसडीएम संजीव धीमान ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के कानूनगो को निर्देश जारी किए हैं। व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
मुआवजे की मांग
कारोबारियों और स्थानीय लोगों में यादवेंद्र गुप्ता, देबू, ललित गुप्ता, गुड्डू, मदन, गोविंद राम, महेश दत्त, बलबीर, सुरेंद्र कुमार, प्रकाश, धीरज, खेम चंद ने बताया कि गंदा पानी बाजार में जमा होकर उनकी दुकानों में घुस गया। जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है। प्रभावितों ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। साथ ही नालियों के सही रखरखाव की मांग भी की है।
नालियां ठीक होती तो नहीं होता नुकसान
नगर परिषद के पार्षद रजनीश सोनी और चेत सिंह ठाकुर ने लोनिवि पर आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से चाक नालियों को ठीक करने की मांग दरकिनार की गई है। यदि नालियों को समय रहते ठीक किया होता तो नुकसान न होता। वहीं पार्षदों ने बरसात के दौरान नालियों को दुरुस्त करने की मांग की है। ताकि कारोबारियों को अधिक नुकसान न झेलना पड़े।
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धान की रोपाई के लिए बारिश बेहतर
भारी बारिश होने से धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिल गई है। भारी बारिश से किसानों को धान की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में चावल की काफी खेती होती है। लेकिन, नेरचौक के आसपास नालों का चैनलाइजेशन न होने के चलते बाजार का गंदा पानी खेतों में जा घुसता है। प्रदूषित पानी से पैदावार भी प्रभावित होती है।
लोनिवि और नगर परिषद आमने सामने
लोनिवि के एसडीओ विनोद कुमार का कहना है कि कुछ कारोबारियों ने नालियों पर अतिक्रमण किया है। जिससे नालियां चाक हुई हैं। ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा कसा जा चाहिए। जबकि नालियों की सफाई के प्रति भी कारोबारियों को सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी ने कहा कि अतिक्रमण करने वालों को एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी होंगे। जहां तक नालियों की सफाई व्यवस्था की बात है तो लोनिवि को बरसात से पहले नालियों को चेक करना चाहिए था। जिससे कि बरसात के दिनों मेें पानी जमा होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान न झेलना पड़ता।
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मुआवजे की मांग
कारोबारियों और स्थानीय लोगों में यादवेंद्र गुप्ता, देबू, ललित गुप्ता, गुड्डू, मदन, गोविंद राम, महेश दत्त, बलबीर, सुरेंद्र कुमार, प्रकाश, धीरज, खेम चंद ने बताया कि गंदा पानी बाजार में जमा होकर उनकी दुकानों में घुस गया। जिससे उनका काफी नुकसान हुआ है। प्रभावितों ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। साथ ही नालियों के सही रखरखाव की मांग भी की है।
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नालियां ठीक होती तो नहीं होता नुकसान
नगर परिषद के पार्षद रजनीश सोनी और चेत सिंह ठाकुर ने लोनिवि पर आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से चाक नालियों को ठीक करने की मांग दरकिनार की गई है। यदि नालियों को समय रहते ठीक किया होता तो नुकसान न होता। वहीं पार्षदों ने बरसात के दौरान नालियों को दुरुस्त करने की मांग की है। ताकि कारोबारियों को अधिक नुकसान न झेलना पड़े।
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धान की रोपाई के लिए बारिश बेहतर
भारी बारिश होने से धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिल गई है। भारी बारिश से किसानों को धान की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में चावल की काफी खेती होती है। लेकिन, नेरचौक के आसपास नालों का चैनलाइजेशन न होने के चलते बाजार का गंदा पानी खेतों में जा घुसता है। प्रदूषित पानी से पैदावार भी प्रभावित होती है।
लोनिवि और नगर परिषद आमने सामने
लोनिवि के एसडीओ विनोद कुमार का कहना है कि कुछ कारोबारियों ने नालियों पर अतिक्रमण किया है। जिससे नालियां चाक हुई हैं। ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा कसा जा चाहिए। जबकि नालियों की सफाई के प्रति भी कारोबारियों को सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी ने कहा कि अतिक्रमण करने वालों को एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी होंगे। जहां तक नालियों की सफाई व्यवस्था की बात है तो लोनिवि को बरसात से पहले नालियों को चेक करना चाहिए था। जिससे कि बरसात के दिनों मेें पानी जमा होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान न झेलना पड़ता।