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चुप्पी समस्या का समाधान नहीं, घरेलू हिंसा पर उठाएं आवाज
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मंडी में अपराजिता कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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सुंदरनगर (मंडी)। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत सुंदरनगर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर छात्रा प्रिंजल चौहान ने छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को नारी गरिमा बनाए रखने और उनके चेहरे पर हर समय मुस्कान बनाए रखने की शपथ दिलाई। बतौर मुख्यातिथि समाज सेविका, शिक्षिका एवं लॉ ग्रेजुएट शिवांगी शर्मा ने अपने संबोधन में छात्राओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता का बोध कराया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को कभी किसी से हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर देश के नाम को विश्व में रोशन करना चाहिए। छात्राएं कुछ ऐसा करें, जिससे संपूर्ण समाज उनके प्रदर्शन का कायल हो जाए। प्रधानाचार्य मोहित चुघ ने कहा कि आज महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं। महिलाएं देश की रक्षा के लिए सेना में भी आगे आकर योगदान दे रही हैं। उप प्रधानाचार्य जगत पाल ने कहा कि महिलाओं ने किसी भी युग में हार नहीं मानी है। महिलाएं अपनी प्रतिभा के बल पर हर क्षेत्र में परचम फहरा रही हैं। शिक्षिका रमनीका ने कहा कि हमें भी किसी से पीछे नहीं रहना है। छात्राओं को देश की तरक्की में नारी गरिमा का ध्यान रखते हुए उम्दा योगदान देना है। कहा कि चुप्पी किसी भी मामले का समाधान नहीं है। इसलिए अब इस हिंसा के खिलाफ महिला और पुरुष दोनों को आवाज उठाने का समय आ गया है। शिक्षिका दीपिका ने छात्राओं में सशक्तीकरण को लेकर जोश भरते हुए कहा कि पुरुष महिलाओं को भी अधिकार दें, जिससे देश की आधी आबादी आगे बढ़ कर देश का नाम रोशन करें। महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन 1090 और 112 का प्रयोग कर किसी भी आपात स्थिति पर संपर्क कर सूचना दें।
सहयोग मिले तो सब कुछ कर सकती हैं बेटियां
स्कूल की हेड गर्ल आरुषी शर्मा का कहना है कि नारी कहीं भी वीरता में कम नहीं है। जो छात्रा आगे बढ़ना चाहती हैं उसे माता-पिता अवश्य पढ़ाएं। तनिष्का का कहना है कि अमर उजाला की यह अच्छी पहल है। हमें भी सहयोग कर दूसरी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। आस्था का कहना है कि परिवार और समाज का सहयोग मिले तो बेटियां सब कुछ कर सकती हैं। वंशिका राव का कहना है कि बेटी के बगैर समाज को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है, बेटी को भी बेटों के समान समझना चाहिए, लेकिन बेटियों को भी अपनी मर्यादाओं का ध्यान रखना होगा।
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