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Mandi News: दुष्कर्म मामले में दोषी को 15 साल का कठोर कारावास
Fri, 07 Nov 2025 06:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 07 Nov 2025 06:49 AM IST
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सरकाघाट (मंडी)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरकाघाट की अदालत ने दुष्कर्म मामले में आरोपी बलद्वाड़ा के फतोह निवासी जोगिंद्र को दोषी करार देते हुए 15 साल कठोर कारावास सजा का फैसला सुनाया है।
अदालत ने पांच लाख रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह अतिरिक्त कारावास सजा सुनाई। वर्ष 23 अक्तूबर 2018 में एक महिला को घर में अकेला पाकर आरोपी उसके कमरे में दिनदहाड़े जबरन घुस गया और अंदर से दरवाजा बंदकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी।
बाद में पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज किया। सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया। इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज करवाए व साक्ष्य पेश किए। गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोपी को दोषी करार दिया।
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जिला उप न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि अदालत ने आईपीसी की धारा 452 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने की सूरत में एक महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। आईपीसी की धारा 342 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में सात दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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अदालत ने पांच लाख रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह अतिरिक्त कारावास सजा सुनाई। वर्ष 23 अक्तूबर 2018 में एक महिला को घर में अकेला पाकर आरोपी उसके कमरे में दिनदहाड़े जबरन घुस गया और अंदर से दरवाजा बंदकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी।
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बाद में पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज किया। सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया। इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज करवाए व साक्ष्य पेश किए। गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोपी को दोषी करार दिया।
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जिला उप न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि अदालत ने आईपीसी की धारा 452 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने की सूरत में एक महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। आईपीसी की धारा 342 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में सात दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।