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एचपीएमसी के सेल सेंटरों से नीमाला खाद गायब
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:02 PM IST
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गोहर (मंडी)। प्रदेश के किसानों बागवानों को जैविक खेती अपनाने की दुहाई देने वाली प्रदेश सरकार उन्हें बेहतर सुविधाएं देने में नाकाम साबित हो रही है। हिमाचल में हर साल किसानों और बागवानों को जैविक खाद नीमाला उपलब्ध करवाने वाली एचपीएमसी के विक्रय केंद्र खाद से खाली पड़े हुए हैं। हजारों किसान बागवान रोजाना एचपीएमसी के सेल सेंटरों में खाद के लिए पहुंच रहे हैं, मगर एचपीएमसी खाद उपलब्ध करवाने में नाकाम साबित हो रही है। पिछले तीन वर्षों से सूबे के किसानों-बागवानों को एचपीएमसी नीम से तैयार नीमाला खाद मुहैया करवा रही है। मगर इस साल एचपीएमसी के अधिकारी नीमाला खाद का टेंडर तक नहीं करवा सके हैं। दिसंबर में सेब और मटर के लिए नीमाला खाद की बेहद आवश्यकता है, लेकिन खाद न मिलने से हजारों किसानों बागवानों में चिंता की स्थिति है। एचपीएमसी के अधिकारी आचार संहिता का रोना रो रहे हैं मगर किसानों बागवानों का खाद डालने का समय निकलता जा रहा है। सराज सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि एचपीएमसी बागवानों को सेब का भुगतान भी समय पर नहीं करता है। अब समय पर खाद भी एचपीएमसी के पास नहीं है। ठाकुर ने कहा कि ऐसे में किसान बागवान हितैषी बनने वाली सरकार के सभी दावे खोखले दिखाई दे रहे हैं। नाचन फ्रूट ग्रोवर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने कहा कि मंडी जिले में किसानों बागवानों को एचपीएमसी सेल सेंटरों में नीमाला खाद नहीं मिल रही है। किसानों-बागवानों में नेत्र सिंह, राम लाल, कौलू राम, पितांबर लाल, मोहन, मित्र देव और चंद्रमणी ने कहा कि अगर सरकार जल्द नीमाला खाद उपलब्ध नहीं करवाती है तो किसान एचपीएमसी का घेराव करेंगे। उधर, एचपीएमसी के डिप्टी जनरल मैनेजर सुरेंद्र चौहान ने खाद न होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लगने के कारण खाद का टेंडर नहीं हो पाया है। उत्तराखंड से नीमाला खाद की आपूर्ति होती है। 18 दिसंबर के बाद एचपीएमसी के सेल सेंटरों में नीमाला खाद उपलब्ध करवा दी जाएगी। हिमाचल में मंडी, शिमला और कुल्लू जिलों में हर साल करीब 10 हजार बैग नीमाला खाद की डिमांड रहती है। इस बार सूबे में इस खाद की दोगुनी मांग है।
सेब, मटर के लिए बहुत जरूरी है खाद
नीमाला खाद नीम से तैयार की जाती है और यह एक जैविक खाद है। एचपीएमसी पिछले तीन वर्षों से इस खाद की प्रदेश के किसानों बागवानों को आपूर्ति कर रहा है। यह खाद खासकर सेब बगीचों और मटर की खेती के लिए सफल सिद्ध हुई है। नीमाला खाद से सेब को लगने वाला वूली एफिड, कैंकर और बोरर जैसे भयानक रोग दूर भाग जाते हैं।
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सेब, मटर के लिए बहुत जरूरी है खाद
नीमाला खाद नीम से तैयार की जाती है और यह एक जैविक खाद है। एचपीएमसी पिछले तीन वर्षों से इस खाद की प्रदेश के किसानों बागवानों को आपूर्ति कर रहा है। यह खाद खासकर सेब बगीचों और मटर की खेती के लिए सफल सिद्ध हुई है। नीमाला खाद से सेब को लगने वाला वूली एफिड, कैंकर और बोरर जैसे भयानक रोग दूर भाग जाते हैं।
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