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पुर्नवास को प्रभावितों ने प्रशासन को प्रेषित किया ज्ञापन
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:30 PM IST
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नगवाईं (मंडी)। तहसील मुख्यालय औट में सोमवार को फोरलेन विस्थापित प्रभावित बेरोजगार संघ ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से एनएचएआई और उपायुक्त मंडी को ज्ञापन सौंपा। नेरचौक मनाली फोरलेन का कार्य प्रगति पर है और एनएच 21 पंडोह बाईपास टकोली फोरलेन का कार्य भी शुरू हो चुका है। लेकिन, अभी तक प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई ने फोरलेन विस्थापितों तथा प्रभावितों के पुनर्वासन तथा पुनर्स्थापन का कोई भी प्रावधान नहीं किया है।
किरतपुर मनाली फोरलेन में सबसे ज्यादा औट कस्बा प्रभावित हो रहा है। इसमें लगभग 200 दुकानदार तथा 1800 लोग प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तौर पर फोरलेन से विस्थापित व प्रभावित हो रहे हैं। औट की केशव माधव मार्केट पूरे भारत में ड्राई फ्रूट के लिए प्रसिद्ध है। यह मार्केट 1991 में जिला बचत समिति द्वारा बनाई गई थी तथा 1992 में यह दुकानें आजीविका के लिए प्रदान की गई थी। लगभग 26 वर्षों तक जिला प्रशासन इनसे किराया वसूलता रहा तथा अचानक इन दुकानों को अवैध करार दिया जाता है। दुकानदार अपनी फरियाद लेकर उपायुक्त के पास गए। लेकिन, वहां से कोई राहत नहीं मिली है। इसके बाद दुकानदारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर तक इन्हें दुकानें खाली करने के निर्देश भी दे दिए हैं। जबकि हिमाचल सरकार, जिला प्रशासन तथा एनएचएआई द्वारा इनके पुनर्वास व पुनर्स्थापन के लिए अभी तक कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर फोरलेन विस्थापित संघ के प्रधान भूषण वर्मा, उपप्रधान मनोज कुमार, महासचिव नेसर सिंह चौहान, सलाहकार जोगिंद्र सिंह, रोशन लाल, कोषाध्यक्ष जगदीश कुमार, प्रवीण कुमार, इंद्र सेन, सुमित कुमार, सुमित वैद्य, ग्राम प्रभारी संगत राम, ध्यान सिंह, भीम सेन, रूप लाल , गौरी प्रसाद, हुकम चंद , जय राम , अमर नाथ, चतर सिंह, गिरीश कुमार, धमेेंद्र, नरेंद्र उपस्थित रहे।
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विस्थापितों का पुनर्वास करे सरकार : खुशाल
फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि विस्थापितों को कानून के तहत शीघ्र पुनर्वासित व पुनर्स्थापित किया जाए। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने हिमाचल सरकार, जिला प्रशासन तथा एनएचएआई से फोरलेन में विस्थापितों को भू-अधिग्रहण कानून 2013 के तहत पुनर्वास, पुनर्स्थापन तथा अन्य सभी कानूनी अधिकार जल्द प्रदान किये जाने की गुहार लगाई है ।
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किरतपुर मनाली फोरलेन में सबसे ज्यादा औट कस्बा प्रभावित हो रहा है। इसमें लगभग 200 दुकानदार तथा 1800 लोग प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तौर पर फोरलेन से विस्थापित व प्रभावित हो रहे हैं। औट की केशव माधव मार्केट पूरे भारत में ड्राई फ्रूट के लिए प्रसिद्ध है। यह मार्केट 1991 में जिला बचत समिति द्वारा बनाई गई थी तथा 1992 में यह दुकानें आजीविका के लिए प्रदान की गई थी। लगभग 26 वर्षों तक जिला प्रशासन इनसे किराया वसूलता रहा तथा अचानक इन दुकानों को अवैध करार दिया जाता है। दुकानदार अपनी फरियाद लेकर उपायुक्त के पास गए। लेकिन, वहां से कोई राहत नहीं मिली है। इसके बाद दुकानदारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर तक इन्हें दुकानें खाली करने के निर्देश भी दे दिए हैं। जबकि हिमाचल सरकार, जिला प्रशासन तथा एनएचएआई द्वारा इनके पुनर्वास व पुनर्स्थापन के लिए अभी तक कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर फोरलेन विस्थापित संघ के प्रधान भूषण वर्मा, उपप्रधान मनोज कुमार, महासचिव नेसर सिंह चौहान, सलाहकार जोगिंद्र सिंह, रोशन लाल, कोषाध्यक्ष जगदीश कुमार, प्रवीण कुमार, इंद्र सेन, सुमित कुमार, सुमित वैद्य, ग्राम प्रभारी संगत राम, ध्यान सिंह, भीम सेन, रूप लाल , गौरी प्रसाद, हुकम चंद , जय राम , अमर नाथ, चतर सिंह, गिरीश कुमार, धमेेंद्र, नरेंद्र उपस्थित रहे।
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विस्थापितों का पुनर्वास करे सरकार : खुशाल
फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि विस्थापितों को कानून के तहत शीघ्र पुनर्वासित व पुनर्स्थापित किया जाए। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने हिमाचल सरकार, जिला प्रशासन तथा एनएचएआई से फोरलेन में विस्थापितों को भू-अधिग्रहण कानून 2013 के तहत पुनर्वास, पुनर्स्थापन तथा अन्य सभी कानूनी अधिकार जल्द प्रदान किये जाने की गुहार लगाई है ।