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पद्मावती फिल्म को बैन करने की मांग
Updated Tue, 28 Nov 2017 07:34 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश क्षत्रिय संघ के संयोजक कृष्ण चंद महादेविया ने पद्मावती फिल्म को रिलीज करने का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अस्मिता से छेड़छाड़ करने का किसी को हक नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलाएं लोकमंगल और आनंद के लिए सृजित होती हैं, जिसमें एक उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और ज्ञानवर्धन भी हो सकता है। बेशक कलाकार को कल्पना करने, कृति रचने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है, किंतु वह इतिहास के उदांत चरित्रों, इतिहास, लोक मर्यादा का उल्लंघन और सत्य निष्ठा को धराशायी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का प्रभाव समाज पर पड़ता है। बेहतर हो कि स्वस्थ, स्वच्छ मनोरंजन, सुउद्देश्यपूर्ण चरित्र निर्माण में सहायक कल्पना सत्य निष्ठा भरी फिल्में हों। उन्होंने कहा कि विवादस्पद पद्मावती फिल्म में ऐतिहासिक चरित्र की मर्यादा, शील, पतिव्रात्य, वीरता जैसे चारित्रित गुणों का उल्लंघना ही विवाद का कारण लगता है। उन्होंने कहा हिमाचल का क्षत्रिय संघ पद्मावती फिल्म को रिलीज करने का विरोध करता है। फिल्म में विरोधाभासी और अनावश्यक विवादस्पद अंश काटे जाने चाहिए। संघ के अध्यक्ष एसआर चौहान ने कहा कि क्षत्रिय संघ किसी भी तरह की तोड़फोड़, धमकी और गुंडागर्दी का भी विरोध करता है। क्षत्रिय संघ ने अखिल भारतीय क्षत्रिय संघ दिल्ली का समर्थन करते हुए कहा कि पद्मावती फिल्म विवाद थमने तक रिलीज नहीं की जानी चाहिए और देश हित में बैन की जानी चाहिए।
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सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश क्षत्रिय संघ के संयोजक कृष्ण चंद महादेविया ने पद्मावती फिल्म को रिलीज करने का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अस्मिता से छेड़छाड़ करने का किसी को हक नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलाएं लोकमंगल और आनंद के लिए सृजित होती हैं, जिसमें एक उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और ज्ञानवर्धन भी हो सकता है। बेशक कलाकार को कल्पना करने, कृति रचने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है, किंतु वह इतिहास के उदांत चरित्रों, इतिहास, लोक मर्यादा का उल्लंघन और सत्य निष्ठा को धराशायी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का प्रभाव समाज पर पड़ता है। बेहतर हो कि स्वस्थ, स्वच्छ मनोरंजन, सुउद्देश्यपूर्ण चरित्र निर्माण में सहायक कल्पना सत्य निष्ठा भरी फिल्में हों। उन्होंने कहा कि विवादस्पद पद्मावती फिल्म में ऐतिहासिक चरित्र की मर्यादा, शील, पतिव्रात्य, वीरता जैसे चारित्रित गुणों का उल्लंघना ही विवाद का कारण लगता है। उन्होंने कहा हिमाचल का क्षत्रिय संघ पद्मावती फिल्म को रिलीज करने का विरोध करता है। फिल्म में विरोधाभासी और अनावश्यक विवादस्पद अंश काटे जाने चाहिए। संघ के अध्यक्ष एसआर चौहान ने कहा कि क्षत्रिय संघ किसी भी तरह की तोड़फोड़, धमकी और गुंडागर्दी का भी विरोध करता है। क्षत्रिय संघ ने अखिल भारतीय क्षत्रिय संघ दिल्ली का समर्थन करते हुए कहा कि पद्मावती फिल्म विवाद थमने तक रिलीज नहीं की जानी चाहिए और देश हित में बैन की जानी चाहिए।