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चचेरे भाईयों की मौत से गांव में शोक की लहर
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:05 PM IST
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चचेरे भाइयों की मौत से गांव में शोक
पधर (मंडी)। कोटरोपी के समीप पड़ीगलू मोड़ पर हुए दर्दनाक बाइक हादसे ने दो गरीब परिवारों का सहारा छीन लिया है। चचेरे भाइयों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। हादसे का शिकार बना मनोज कुमार चेत राम का इकलौता बेटा था। वह बुधवार को उरला के मसवाहण गांव में अपने रिश्तेदार के घर मुंडल संस्कार में भाग लेने घर से निकला था। दोनों युवकों के परिजनों को क्या मालूम था कि उनके चिराग कभी घर वापस नहीं लौटेंगे। दर्दनाक हादसे में पूरा टांडू गांव शोक में डूब गया। वीरवार दोपहर जैसे ही दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे, परिजनों के साथ रिश्तेदार बिलख-बिलख कर रोने लगे। इस दौरान टांडू बाजार बंद रहा। मुंडन संस्कार समारोह में रिश्तेदारों के साथ दोनों युवक डीजे की धुन पर खूब थिरके थे। समारोह समाप्त होने पर दोनों युवकों ने रुकने की बजाए अपने घर लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान उनके अन्य रिश्तेदार भी डीजे का सामान गाड़ी में वापस लाने के लिए उपमंडल मुख्यालय को रवाना हुए। दोनों युवक मेहनत मजदूरी करते थे और गरीबी के चलते अपने परिवार की आर्थिकी का सहारा बन गए थे।
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पधर (मंडी)। कोटरोपी के समीप पड़ीगलू मोड़ पर हुए दर्दनाक बाइक हादसे ने दो गरीब परिवारों का सहारा छीन लिया है। चचेरे भाइयों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। हादसे का शिकार बना मनोज कुमार चेत राम का इकलौता बेटा था। वह बुधवार को उरला के मसवाहण गांव में अपने रिश्तेदार के घर मुंडल संस्कार में भाग लेने घर से निकला था। दोनों युवकों के परिजनों को क्या मालूम था कि उनके चिराग कभी घर वापस नहीं लौटेंगे। दर्दनाक हादसे में पूरा टांडू गांव शोक में डूब गया। वीरवार दोपहर जैसे ही दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे, परिजनों के साथ रिश्तेदार बिलख-बिलख कर रोने लगे। इस दौरान टांडू बाजार बंद रहा। मुंडन संस्कार समारोह में रिश्तेदारों के साथ दोनों युवक डीजे की धुन पर खूब थिरके थे। समारोह समाप्त होने पर दोनों युवकों ने रुकने की बजाए अपने घर लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान उनके अन्य रिश्तेदार भी डीजे का सामान गाड़ी में वापस लाने के लिए उपमंडल मुख्यालय को रवाना हुए। दोनों युवक मेहनत मजदूरी करते थे और गरीबी के चलते अपने परिवार की आर्थिकी का सहारा बन गए थे।