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चैक बाउंस के आरोपी को 3.30 लाख राशि देने के साथ एक साल का कारावास
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:03 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। चेक बाउंस के मामले में आरोप साबित हो जाने पर सोमवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुंदरनगर हितेंद्र शर्मा की अदालत ने आरोपी को एक वर्ष का साधारण कारावास और हर्जाना देने का फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता हिमाचल ग्रामीण बैंक ने एडवोकेट अरुण प्रकाश के माध्यम से आरोपी दीपक निवासी सुंदरनगर के खिलाफ चेक बाउंस होने पर अदालत में एनआई एक्ट, 1881 की धारा 138 में मुकद्दमा दर्ज करवाया था। जानकारी देते हुए बैंक के एडवोकेट अरुण प्रकाश ने बताया कि आरोपी ने 3 लाख रुपये का ऋण हिमाचल ग्रामीण बैंक से लिया था। ऋण लेते समय आरोपी ने जमानत के तौर पर बैंक को 3 लाख रुपये का चेक दिया था। जब दोषी दीपक ऋण की राशि समय पर चुकता न कर सका तो बैंक ने उसका चेक भुगतान के लिए लगाया जो खाते में पर्याप्त राशि न होने की वजह से बाउंस हो गया था। इसके बाद बैंक ने आरोपी के खिलाफ अदालत में केस दर्ज करवाया था। सुनवाई के उपरांत उसके दोषी पाए जाने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुंदरनगर हितेंद्र शर्मा ने उसे एक वर्ष की साधारण कैद और 3 लाख 30 हजार रुपए हर्जाना शिकायतकर्ता बैंक को देने की सजा सुनाई।
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शिकायतकर्ता हिमाचल ग्रामीण बैंक ने एडवोकेट अरुण प्रकाश के माध्यम से आरोपी दीपक निवासी सुंदरनगर के खिलाफ चेक बाउंस होने पर अदालत में एनआई एक्ट, 1881 की धारा 138 में मुकद्दमा दर्ज करवाया था। जानकारी देते हुए बैंक के एडवोकेट अरुण प्रकाश ने बताया कि आरोपी ने 3 लाख रुपये का ऋण हिमाचल ग्रामीण बैंक से लिया था। ऋण लेते समय आरोपी ने जमानत के तौर पर बैंक को 3 लाख रुपये का चेक दिया था। जब दोषी दीपक ऋण की राशि समय पर चुकता न कर सका तो बैंक ने उसका चेक भुगतान के लिए लगाया जो खाते में पर्याप्त राशि न होने की वजह से बाउंस हो गया था। इसके बाद बैंक ने आरोपी के खिलाफ अदालत में केस दर्ज करवाया था। सुनवाई के उपरांत उसके दोषी पाए जाने पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुंदरनगर हितेंद्र शर्मा ने उसे एक वर्ष की साधारण कैद और 3 लाख 30 हजार रुपए हर्जाना शिकायतकर्ता बैंक को देने की सजा सुनाई।
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