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Mandi Cloudburst : पानी से घिरे लोग सहमे, मची चीख-पुकार, लगा नहीं बचेंगे; भागने तक का नहीं मिल पाया मौका
Wed, 02 Jul 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
धर्मवीर गौतम, संवाद न्यूज एजेंसी, करसोग (मंडी)।
धर्मवीर गौतम, संवाद न्यूज एजेंसी, करसोग (मंडी)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 02 Jul 2025 05:00 AM IST
सार
Mandi Cloudburst : हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में बादल फटने के बाद हालात ऐसे थे कि अंधेरे में पानी से घिरे लोग सहम गए। पढ़ें पूरी खबर...
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करसोग के सकराेल में बादल फटने से मेगली गांव में हुई तबाही।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बादल फटने के बाद करसोग के पुराना बाजार, पंजराट, कुट्टी, बरल, सकराेल, सनारली में पानी और मलबे ने तबाही मचा दी। हालात ऐसे थे कि अंधेरे में पानी से घिरे लोग सहम गए। चीख-पुकार करते हुए मदद मांगने को मजबूर हो गए। पानी के बीच फंसे लोग एक-दूसरे को हौसला देते रहे। प्रशासन भी तेज बहाव के बीच बेबस नजर आया। बहाव कम होने पर फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू किया। पानी के बीच घिरे लोगों की मानें तो उन्हें दूसरी जिंदगी मिली है। रात को एक बार लगा कि अब नहीं बच पाएंगे।
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सकरोल निवासी कामेश्वर ने बताया कि उसका सकरोल में ढाबा है। रात करीब 11 बजे थोड़ा थोड़ा पानी आया, लेकिन इसके बाद पानी की रफ्तार अचानक बढ़ गई। देखते ही देखते ही ढाबे के अलावा अन्य दो तीन ढाबे, गाड़ियां और एक व्यक्ति पानी की चपेट में आया। आंखों के सामने सब बह गया। कामेश्वर ने बताया कि उसके तीन मकान भी पानी में बह गए। करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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कुट्टी निवासी तेतू ने बताया कि पहाड़ी से रात 12 बजे पहले पानी आया। बाद में पत्थर आना शुरू हो गए। चंद मिनटों में ही चारों तरफ मलबे के ढेर लग गए और गाड़ियों भी बह गईं। मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। पानी और मलबा दुकान को भी अपने साथ बहाकर ले गया। संभलने का मौका ही नहीं मिल पाया। घबराईं महिलाएं मदद मांगने के लिए मजबूर हो गईं। पंजराट में रिश्तेदारी में गए चेतन ने बताया कि सोमवार रात पानी ऐसा आया कि कई घर इसकी चपेट में आ गए। गाड़ियां बह गईं। लोग पानी के बीच फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रिक्की गांव से सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
पुराना बाजार करसोग के मतिधर ने बताया कि अचानक ही पानी आना शुरू हुआ और पूरे घरों को अपनी चपेट में ले लिया। समझ ही नहीं आया कि अब क्या करें। जैसे कैसे घर खाली करवाए और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, भडारणू के पंचायत प्रधान दिलीप कुमार ने बताया कि उनके घर के साथ बहता नाला बेहद तेज रफ्तार से आया, जिससे खेत बह गए। मलबा सड़क पर आ गया। सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई।
पुराना बाजार करसोग के मतिधर ने बताया कि अचानक ही पानी आना शुरू हुआ और पूरे घरों को अपनी चपेट में ले लिया। समझ ही नहीं आया कि अब क्या करें। जैसे कैसे घर खाली करवाए और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, भडारणू के पंचायत प्रधान दिलीप कुमार ने बताया कि उनके घर के साथ बहता नाला बेहद तेज रफ्तार से आया, जिससे खेत बह गए। मलबा सड़क पर आ गया। सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई।