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Mandi Cloudburst: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले- सराज में आपदा से 500 करोड़ से अधिक का ढांचागत नुकसान
Thu, 10 Jul 2025 06:15 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 10 Jul 2025 06:15 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज में ढांचागत नुकसान के अलावा कृषि और बागबानी को भी सराज में हजारों करोड़ की क्षति हुई है।कहा कि 500 से अधिक तो घर ढह गए हैं जबकि इतनी ही गोशालाएं और आंशिक रूप से घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि सराज में हुई प्राकृतिक आपदा से अभी तक करीब 500 करोड़ से अधिक का ढांचागत नुकसान हुआ है।
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आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटी टीमें/प्रभावितों से मिलते हुए जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज में हुई प्राकृतिक आपदा से अभी तक करीब 500 करोड़ से अधिक का ढांचागत नुकसान हुआ है। लोगों के घरों और दुकानों को छोड़कर सेब बागीचे और सैकड़ों बीघा कृषि योग्य जमीनें बह गई। इससे सेब आर्थिकी और खेती किसानी को बहुत बड़ा झटका लगा है। आज से पूर्व इस कद्र नुकसान कभी नहीं हुआ। लोग बेघर तो हुए ही बल्कि आजीविका कमाने के सारे साधन भी उनसे छिन गए हैं। इस तरह ढांचागत नुकसान के अलावा कृषि और बागबानी को भी सराज में हजारों करोड़ की क्षति हुई है।
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कहा कि 500 से अधिक तो घर ढह गए हैं जबकि इतनी ही गोशालाएं और आंशिक रूप से घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसका प्रशासन आकलन कर रहा है। कुल नुकसान 1000 करोड़ पार कर जाएगा। अब नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। इसके लिए राज्य सरकार का सहयोग चाहिए। वहीं, केंद्र से भी मदद मांगने के लिए वह खुद जाएंगे। कहा कि सीएम को वस्तुस्थिति भी बताई और पुनर्वास- पुनर्निर्माण के लिए विशेष पैकेज जारी करने की मांग भी की है। कहा कि चैलचौक से जंजैहली की 56 किलोमीटर सड़क बहाल करने में नौ दिन लग गए। यह काम जल्दी होना चाहिए था। आगे भी बिना सड़कें सही किए न बिजली के काम हो सकेंगे और न ही पेयजल की योजनाएं बहाल होंगी। मशीनों की संख्या गिनने से अच्छा है कि वास्तव में राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने मांग उठाई कि सर्दियों से पहले ही बेघर लोगों के लिए प्री फेब्रिकेटेड अस्थायी घरों का निर्माण किया जाए ताकि लोगों को बर्फबाीरी के दिनों में दिक्कत न हो। अभी मकान बनाने में वक्त लग सकता है।
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जयराम ने कहा कि त्रासदी में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, वायुसेना, आईटीबीपी, प्रदेश पुलिस, होमगार्ड के जवानों ने अपनी जान पर खेल कर लोगों की जिंदगियां बचाई हैं। यह किसी देवदूत से कम नहीं। उन्होंने थुनाग,धार जरोल और जंजैहली पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की।