Mandi Cloudburst: 30 जून की रात त्रासदी में देजी गांव के इंद्र सिंह की दुनिया उजड़ी, पत्नी समेत 3 बेटियां बहीं
30 जून की रात त्रासदी में इंद्र सिंह की दुनिया उजड़ गई। उनकी पत्नी भुवनेश्वरी और तीन बेटियां एकता, दिवांशी, और कामाक्षी मकान समेत बाढ़ में बह गए। वहीं, देजी गांव में बाढ़ ने दो परिवारों के 11 लोगों को छीन लिया, जिनमें नौ एक ही परिवार के हैं।
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बरसात का सैलाब भले ही थम गया हो, लेकिन सराज के गांवों में आंसुओं का सैलाब अब भी उमड़ रहा है। लोग सदमे में डूबे हैं। त्रासदी में सदियों तक न भूलने वाला सदमा मिला है। चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राहत शिविरों में रातें कट रही हैं, जहां भूख और ठंड के बीच अपनों को खोने का दर्द हर पल सता रहा है। दस दिन बीत गए। आपदा से उबरना असंभव सा लग रहा है। अपनों को खोने का गम प्रभावित भुलाए नहीं भूल पा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू काफिला छोड़कर पैदल पखरैर पंचायत के रील गांव पहुंचे और प्रभावितों का ढांढस बंधाया।
30 जून की रात सराज के लिए भयावह त्रासदी बन गई। प्रकृति ने चंद मिनटों में ऐसा कहर बरपाया कि गांवों का नक्शा ही मिट गया। देजी गांव में बाढ़ ने दो परिवारों के 11 लोगों को छीन लिया, जिनमें नौ एक ही परिवार के हैं। थुनाग में एक परिवार के चार लोग अपने घर समेत लापता हो गए। यह आपदा सिर्फ घर नहीं, सपनों, रिश्तों और उम्मीदों को भी बहा ले गई।