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ड्रोन नहीं, अब महिला व युवक मंडल भी रखेंगे जंगलों पर नजर

Mon, 11 Apr 2022 11:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 11:36 PM IST
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Youngsters to keep a watch on forest fire  in Kullu
फरेंद्र ठाकुर
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कुल्लू। कुल्लू जिले के जंगलों में इस साल लगातार भड़क रही आग की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए ड्रोन नहीं, बल्कि महिला व युवक मंडलों की मदद ली जाएगी।
इसके लिए वन विभाग ने वन क्षेत्रों के आसपास बसे गांव के महिला व युवक मंडलों से बैठकें कर सहयोग मांगा है। वहीं, जंगलों को जलने से बचाने पर महिला व युवक मंडलों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
वन विभाग के पास अब तक प्रदेश सरकार की ड्रोन तकनीक नहीं पहुंची है। विभाग के अनुसार ड्रोन को उन क्षेत्रों में उपयोग में लाया जा रहा है, जिन क्षेत्रों के जंगलों में आग की घटनाएं अधिक घट रही हैं।
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हालांकि फायर सीजन से निपटने के लिए ग्रामीण स्तर पर वन विभाग ने फायर वॉचरों की तैनाती कर दी है। वन कर्मचारियों की छुट्टी भी जून तक रद कर दी है। आपात स्थिति में ही वन कर्मचारियों को छुट्टी मिलेगी।
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रेंज स्तर पर टीमों का गठन भी कर दिया है, जो दिन-रात जंगलों की रखवाली के लिए गश्त करेगी। इस दौरान हर टीम को पेट्रोलिंग करने के उपरांत वन परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यालय में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। संवाद
आग लगाने वालों पर रहेगी नजर, तुरंत देंगे सूचना
वहीं, ग्रामीण स्तर पर तैनात फायर वॉचर जंगल में आग लगाने वालों पर नजर रखेंगे। जैसे ही कोई व्यक्ति जंगल में आग लगाता हुआ उन्हें नजर आएगा तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को देंगे। डीएफओ कुल्लू एंजल चौहान ने बताया कि फायर सीजन को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने तैयारियां पूरी कर दी हैं। इसके लिए महिला व युवक मंडलों से भी सहयोग मांगा जो, जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए मदद करेंगे। उन्होंने कहा जंगलों की सुरक्षा को लेकर रेंज स्तर पर टीमों का गठन किया है।

करोड़ों की वन संपदा हो रही नष्ट, जीव-जंतु संकट में
जिला कुल्लू में सालाना करोड़ों की वन संपदा आग से नष्ट हो जाती है। जिसमें कई जीव-जंतु भी आग की चपेट में आकर मर रहे हैं। अब फायर सीजन शुरूहोते ही जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। जंगलों में लगी आग की लपटें लोगों के घरों तक पहुंच रही हैं। इससे लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। अब तक पिछले तीन माह में दो दर्जन बार जंगलों में आग भड़क चुकी है। वहीं, अग्निकांड की घटनाओं को लेकर अग्निमशन विभाग भी सक्रिय हो गया है।
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