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सीबकथॉर्न से आर्थिकी को मजबूत करें महिलाएं : शाशनी
Fri, 15 Sep 2023 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:18 PM IST
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गोबिंद बल्लभ पंथ राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान द्वारा नाबार्ड वित पोषित परियोजना के तहत ज
उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान मौहल ने नाबार्ड वित्त पोषित परियोजना पर लाहौल के जाहलमा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया।
संस्थान की वैज्ञानिक डाॅ. सरला शाशनी ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से जाहलमा में सीबकथॉर्न का टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें सोलर ड्रायर, पल्पिंग मशीन, सिलिंग मशीन, इलेक्ट्रिक ड्रायर आदि शामिल हैं। उन्होंने लोगों को सीबकथाॅर्न के पत्ते और इसके फल को इकट्ठा करने के सही समय और वैज्ञानिक तौर तरीकों के बारे में भी जानकारी दी।
डाॅ. शाशनी ने बताया कि घाटी में सीबकथॉर्न तैयार हो गई है। ऐसे में प्रशिक्षण के बाद महिलाएं इसे इकट्ठा कर नाबार्ड और गोविंद बल्लभ पंत संस्थान मौहल के माध्यम से मार्केटिंग कर सकेंगी। इससे वे अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकेंगे। इस दौरान नालडा, जाहलमा तथा मयाड़ क्षेत्र से सात समूह की 47 महिलाओं ने सीबकथाॅर्न कार्यशाला में भाग लिया। संवाद
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संस्थान की वैज्ञानिक डाॅ. सरला शाशनी ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से जाहलमा में सीबकथॉर्न का टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया गया है। इसमें सोलर ड्रायर, पल्पिंग मशीन, सिलिंग मशीन, इलेक्ट्रिक ड्रायर आदि शामिल हैं। उन्होंने लोगों को सीबकथाॅर्न के पत्ते और इसके फल को इकट्ठा करने के सही समय और वैज्ञानिक तौर तरीकों के बारे में भी जानकारी दी।
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डाॅ. शाशनी ने बताया कि घाटी में सीबकथॉर्न तैयार हो गई है। ऐसे में प्रशिक्षण के बाद महिलाएं इसे इकट्ठा कर नाबार्ड और गोविंद बल्लभ पंत संस्थान मौहल के माध्यम से मार्केटिंग कर सकेंगी। इससे वे अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर सकेंगे। इस दौरान नालडा, जाहलमा तथा मयाड़ क्षेत्र से सात समूह की 47 महिलाओं ने सीबकथाॅर्न कार्यशाला में भाग लिया। संवाद
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