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देवता जमदग्नि की अनुमति के बाद मलाणा में हुआ टीकाकरण

Mon, 06 Sep 2021 11:08 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 11:08 PM IST
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vaccination starts after god permission in malana
पीएम नरेंद्र मोदी से अपना अनुभव साझा करतीं कुल्लू के मलाणा गांव की हेल्थ वर्कर निरमा देवी। - फोटो : Kullu
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देवता जमदग्नि ने दी अनुमति, इसके बाद ही मलाणा में हुआ टीकाकरण
जिला प्रशासन और देव समाज के बीच कड़ी बनीं निरमा देवी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। ऐतिहासिक गांव मलाणा में आज भी आराध्य देवता जमदग्नि ऋषि का कानून चलता है। यहां देवता को पूछे बिना कोई भी काम नहीं होता है। शासन और प्रशासन देवता जमदग्नि ऋषि की अनुमति से चलता है। बाहरी हस्तक्षेप न के बराबर है।
सोमवार को मलाणा गांव की आशा वर्कर से पीएम मोदी ने संवाद किया। देव आस्था के केंद्र मलाणा में टीकाकरण के उनके प्रयासों की सराहना की। यहां टीकाकरण इतना आसान नहीं था। आशा वर्कर निरमा देवी ने देवता के कारदार, पुजारी सहित देव कारकूनों और पंचायत प्रतिनिधियों को स्थानीय बोली में वैक्सीन की उपयोगिता के बारे में बताया। लेकिन वैक्सीन लगवाने को कोई तैयार नहीं था। ऐसे में देवता की अनुमति लेने के लिए निरमा देवी ने देव कारकूनों को राजी किया। इसके बाद देवता को पूछा गया। देवता जमदग्नि ऋषि ने वैक्सीन के लिए अपनी अनुमति दी। इसके बाद ही गांव में टीकाकरण का सिलसिला शुरू हो पाया। प्रशासन और देवसमाज के बीच निरमा देवी ने कड़ी का काम किया। अगर मलाणा में निरमा देवी पहल नहीं करती तो शायद ही वैक्सीन लग पाती। आशा वर्कर निरमा देवी ने कहा कि तीन दिनों तक टीम उनके घर में ही रुकी रही और टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया। मलाणा की भाषा भी किसी से मेल नहीं खाती है। कई लोग वैक्सीन लगाने के लिए मान नहीं रहे थे। लेकिन जब लोगों को वैक्सीन के बारे में समझाया गया तो कामयाबी मिली। इसके लिए उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग को मलाणा जाना पड़ा था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. सुशील चंद्र शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी इस दौरान मौजूद रहे।
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कोरोना के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाया था प्रतिबंध
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान जब देश व प्रदेश भर में कोरोना के मामले बढ़े थे तब मलाणा के लोगों ने गांव में बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाया था। गांव से दूर एक जगह पर गेट लगाया गया था। जहां से किसी भी बाहरी शख्स को आने की अनुुमति नहीं दी गई। ग्रामीणों की इस जागरूकता के चलते मलाणा के लोग कोरोना से भी बचे रहे।
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