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हर स्कूल से दो शिक्षक बनेंगे हेल्थ एंबेसडर : आशुतोष
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उपायुक्त कार्यालय में मीजल्स-रूबेला उन्मूलन व स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिला स्तरीय समन्वय स
कुल्लू। मीजल्स-रूबेला उन्मूलन और स्कूल स्वास्थ्य की कार्यक्रम जिला स्तरीय समन्वय समिति की वीरवार को कुल्लू में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ तथा यूनिसेफ के अनुमान के मुताबिक देशभर में इस कार्यक्रम में 82 प्रतिशत बच्चों को पहली खुराक दी गई।
9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाया गया। खसरा रोग के उन्मूलन तथा रूबेला को नियंत्रित करने के लिए बच्चों को टीका दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। रूबेला भी एक संक्रामक रोग है। यह भी वायरस से फैलता है। हर स्कूल से दो शिक्षकों (एक महिला एवं एक पुरुष) को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर बनाया जाएगा।
इन्हें स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर हर हफ्ते एक घंटा रोचक गतिविधियों के माध्यम से सत्र आयोजित करेंगे। स्कूलों में बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जानकारी प्रदान करने और बच्चों के बीच स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है।
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इसमें स्वास्थ्य विभाग, समग्र शिक्षा अभियान, एससीईआरटी और शिक्षा विभाग संयुक्त प्रयास एवं समन्वय के साथ काम करेंगे। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि अभी तक 462 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। स्वास्थ्य शिक्षा पाठ्यक्रम में व्यक्तिगत स्वास्थ्य, पारिवारिक स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य, उपभोक्ता स्वास्थ्य, पर्यावरण स्वास्थ्य, कामुकता शिक्षा, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य, चोट की रोकथाम, मादक द्रव्यों के उपयोग और दुरुपयोग जैसे कई विषय शामिल हैं।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नागराज पंवार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाइट सुरेंद्र शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा शांति लाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस पदम देव शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाया गया। खसरा रोग के उन्मूलन तथा रूबेला को नियंत्रित करने के लिए बच्चों को टीका दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। रूबेला भी एक संक्रामक रोग है। यह भी वायरस से फैलता है। हर स्कूल से दो शिक्षकों (एक महिला एवं एक पुरुष) को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर बनाया जाएगा।
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इन्हें स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर हर हफ्ते एक घंटा रोचक गतिविधियों के माध्यम से सत्र आयोजित करेंगे। स्कूलों में बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जानकारी प्रदान करने और बच्चों के बीच स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है।
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इसमें स्वास्थ्य विभाग, समग्र शिक्षा अभियान, एससीईआरटी और शिक्षा विभाग संयुक्त प्रयास एवं समन्वय के साथ काम करेंगे। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि अभी तक 462 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। स्वास्थ्य शिक्षा पाठ्यक्रम में व्यक्तिगत स्वास्थ्य, पारिवारिक स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य, उपभोक्ता स्वास्थ्य, पर्यावरण स्वास्थ्य, कामुकता शिक्षा, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य, चोट की रोकथाम, मादक द्रव्यों के उपयोग और दुरुपयोग जैसे कई विषय शामिल हैं।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नागराज पंवार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाइट सुरेंद्र शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा शांति लाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस पदम देव शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद