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Kullu News: मणिकर्ण में लोगों के लिए खतरा बने दो और पेड़ काटे
Thu, 03 Apr 2025 09:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 03 Apr 2025 09:57 PM IST
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चार पेड़ों को काटना मुश्किल, पहुंचा सकते हैैं नुकसान
रेहड़ी वालों ने भी स्वयं ही हटा ली थी रेहड़ी, प्रशासन सख्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में खतरा बने पेड़ाें को वन विभाग की ओर से हटाया जा रहा है। वीरवार को वन विभाग ने दो पेड़ों को काटा। बुधवार को भी तीन पेड़ काटे गए थे। चार पेड़ों को काटना बेहद मुश्किल हो गया है।
यह पेड़ ऐसी जगह पर हैं, अगर इन्हें काटा जाता है तो यह एनएचपीसी कॉलोनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में अब विभाग के लिए इन पेड़ों को काटना चुनौती बन गया है। हालांकि, टीम लगातार मणिकर्ण में ही डटी है।
गौर रहे कि प्रशासन की ओर से चिह्नित 14 पेड़ों को काटने की अनुमति वन विभाग को दी गई है। इसके लिए एनएचपीसी कॉलोनी से लेकर मणिकर्ण तक दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जिससे किसी तरह का हादसा न हो। दूसरी ओर, जिस जगह रेहड़ी लगाई थी, प्रशासन की सख्ती के बाद दूसरे दिन रेहड़ी वालों ने स्वयं ही यह हटा ली थी। साथ ही प्रशासन ने अवैध कब्जे करने वालों पर सख्ती करने का भी फैसला लिया है। नायब तहसीलदार जरी हेमराज शर्मा ने कहा कि रेहड़ी वालों ने स्वयं ही इन्हें हटा लिया था। इस संबंध में एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि मणिकर्ण में खतरा बने पेड़ों को वन विभाग की ओर से चिह्नित करने के बाद हटाया जा रहा है।
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रेहड़ी वालों ने भी स्वयं ही हटा ली थी रेहड़ी, प्रशासन सख्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में खतरा बने पेड़ाें को वन विभाग की ओर से हटाया जा रहा है। वीरवार को वन विभाग ने दो पेड़ों को काटा। बुधवार को भी तीन पेड़ काटे गए थे। चार पेड़ों को काटना बेहद मुश्किल हो गया है।
यह पेड़ ऐसी जगह पर हैं, अगर इन्हें काटा जाता है तो यह एनएचपीसी कॉलोनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में अब विभाग के लिए इन पेड़ों को काटना चुनौती बन गया है। हालांकि, टीम लगातार मणिकर्ण में ही डटी है।
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गौर रहे कि प्रशासन की ओर से चिह्नित 14 पेड़ों को काटने की अनुमति वन विभाग को दी गई है। इसके लिए एनएचपीसी कॉलोनी से लेकर मणिकर्ण तक दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जिससे किसी तरह का हादसा न हो। दूसरी ओर, जिस जगह रेहड़ी लगाई थी, प्रशासन की सख्ती के बाद दूसरे दिन रेहड़ी वालों ने स्वयं ही यह हटा ली थी। साथ ही प्रशासन ने अवैध कब्जे करने वालों पर सख्ती करने का भी फैसला लिया है। नायब तहसीलदार जरी हेमराज शर्मा ने कहा कि रेहड़ी वालों ने स्वयं ही इन्हें हटा लिया था। इस संबंध में एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि मणिकर्ण में खतरा बने पेड़ों को वन विभाग की ओर से चिह्नित करने के बाद हटाया जा रहा है।
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