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Kullu News: आपदा में जान गंवाने वालों के लिए रखा जाएगा दो मिनट का मौन
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कुल्लू। बाढ़ और भूस्खलन के कारण जान गंवाने वाले व्यक्तियों की आत्मा की शांति के लिए उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों में 12 अक्तूबर को सुबह 10:30 बजे दो मिनट का मौन धारण किया जाएगा। मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जाएगी।इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस समर्थ-2023 के तहत सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों, जिन में सभी सरकारी और निजी महाविद्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बीएड और डीएलएड प्रशिक्षण संस्थानों में मॉकड्रिल करवाई जाएगी।
इस संबंध में उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि 12 अक्तूबर को दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 13 अक्तूबर को भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों कार्यक्रमों में सरकारी और निजी सभी विभागों और संस्थानों की भूमिका सुनिश्चित की जाएगी। जिला कुल्लू में इस बरसात जानमाल का नुकसान हुआ है। बरसात के सीजन में विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं से 57 व्यक्तियों ने अपनी जान गवाई है। 20 लोग सीजन के दौरान बाढ़ के कारण लापता भी हुए हैं, जिनका तीन माह बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। कुल्लू, भुंतर और मणिकर्ण में ब्यास और पार्वती तथा सैंज में पिन पार्वती नदी ने कहर बरपाया है। इसके अलावा जिले में 15 से अधिक स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। इनमें सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है।
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इस संबंध में उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि 12 अक्तूबर को दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 13 अक्तूबर को भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों कार्यक्रमों में सरकारी और निजी सभी विभागों और संस्थानों की भूमिका सुनिश्चित की जाएगी। जिला कुल्लू में इस बरसात जानमाल का नुकसान हुआ है। बरसात के सीजन में विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं से 57 व्यक्तियों ने अपनी जान गवाई है। 20 लोग सीजन के दौरान बाढ़ के कारण लापता भी हुए हैं, जिनका तीन माह बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। कुल्लू, भुंतर और मणिकर्ण में ब्यास और पार्वती तथा सैंज में पिन पार्वती नदी ने कहर बरपाया है। इसके अलावा जिले में 15 से अधिक स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। इनमें सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है।
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