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Kullu News: चैहणी में देव शृंगा ऋषि के सम्मान में मनाया त्वार पर्व
Fri, 16 Feb 2024 06:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 16 Feb 2024 06:49 PM IST
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सैकड़ों की संख्या में आशीर्वाद लेने पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत चैहणी मेें देवता शृंगा ऋषि के सम्मान में त्वार उत्सव मनाया गया। इसमें पौराणिक रीति-रिवाजों के अनुसार देव परंपराओं का निर्वहन किया गया। आराध्य देव शृंगा ऋषि के दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु चैहणी पहुंचे और शीश नवाकर देवता का आशीर्वाद लिया। त्वार उत्सव के दौरान एक अनोखी परंपरा का निर्वहन किया जाता है।
इसमें बर्फ के साथ एक खेल खेला जाता है। पुजारी चानन शर्मा, इंद्र देव शर्मा, हेम राज शर्मा, हरी शर्मा, जितेंद्र शर्मा ने कहा कि त्वार पर्व विशेष रूप से देवता शृंगा ऋषि को समर्पित है। इस उत्सव का आयोजन फाल्गुन संक्रांति के चौथे दिवस को किया जाता है। इसमें पांच कोठी सहित कई क्षेत्रों के श्रद्धालु एकत्रित होते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
कहा कि उत्सव में देव खेल आकर्षण का केंद्र रहती है। इस खेल में देवता के जितने भी हारियान हैं, वे देवता से आशीर्वाद स्वरूप छड़ी ले जाकर बर्फ में खेल खेलते हैं। इसी परंपरा का शुक्रवार को भी देव नियमों के अनुसार निर्वहन किया गया। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत चैहणी मेें देवता शृंगा ऋषि के सम्मान में त्वार उत्सव मनाया गया। इसमें पौराणिक रीति-रिवाजों के अनुसार देव परंपराओं का निर्वहन किया गया। आराध्य देव शृंगा ऋषि के दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु चैहणी पहुंचे और शीश नवाकर देवता का आशीर्वाद लिया। त्वार उत्सव के दौरान एक अनोखी परंपरा का निर्वहन किया जाता है।
इसमें बर्फ के साथ एक खेल खेला जाता है। पुजारी चानन शर्मा, इंद्र देव शर्मा, हेम राज शर्मा, हरी शर्मा, जितेंद्र शर्मा ने कहा कि त्वार पर्व विशेष रूप से देवता शृंगा ऋषि को समर्पित है। इस उत्सव का आयोजन फाल्गुन संक्रांति के चौथे दिवस को किया जाता है। इसमें पांच कोठी सहित कई क्षेत्रों के श्रद्धालु एकत्रित होते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
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कहा कि उत्सव में देव खेल आकर्षण का केंद्र रहती है। इस खेल में देवता के जितने भी हारियान हैं, वे देवता से आशीर्वाद स्वरूप छड़ी ले जाकर बर्फ में खेल खेलते हैं। इसी परंपरा का शुक्रवार को भी देव नियमों के अनुसार निर्वहन किया गया। संवाद
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