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पर्यटकों को मिलेगा नया पर्यटन स्थल काईसधार, बनेगी सड़क
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राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिला कुल्लू में पर्यटकों को आने वाले दिनों में नया पर्यटन स्थल काईसधार मिलेगा। पर्यटक एक ही स्थान से जिले की हसीन वादियों को निहार सकेंगे। काईसधार के तहत चंबा गढ़ स्थान से कुल्लू की चारों दिशाओं का नजारा दिखेगा। चंबा गढ़ स्थान अधिक ऊंचाई पर स्थित है।
धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कुपड़ी माता के दर्शनों की राह आसान हो जाएगी। इसके अलावा तारा गढ़ से जिला कांगड़ा का दीदार भी होगा, क्योंकि तारा गढ़ की ऊंचाई चंबा गढ़ से भी अधिक है। काईसधार में साल 1920 में बने वन विभाग के रेस्ट हाउस को देखने व इसमें ठहरने की व्यवस्था है। बता दें कि पिकनिक स्पॉट काईसधार के लिए लोक निर्माण विभाग करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क बनाएगा। हालांकि विभाग की राह में मौसम रोड़ा बना है, लेकिन मौसम साफ होते ही सर्वे किया जाएगा। सड़क बनने से पर्यटकों, ट्रैकरों और श्रद्धालुओं को काईसधार से कुपड़ी माता और तारा गढ़ के लिए चार किलोमीटर ही चलना पड़ेगा।
गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग ने महाराजा और लगघाटी को आपस में जोड़ने की योजना तैयार की है। विभाग ने महाराजा घाटी में लोट तथा चरमाली गांव तक सड़कों का निर्माण किया है। हालांकि लगघाटी के बुआई तक भी सड़क बनाई गई है। अब विभाग काईसधार-बुआई वाया नाकसपाली सड़क बनाएगा। इसके लिए लोट और चरमाली दोनों गांवों से ही सर्वे किया जाएगा। लोट और चरमाली से काईसधार की दूरी लगभग चार, चंबा गढ़ पांच तथा कुपड़ी माता-तारागढ़ आठ किलोमीटर है। इस संबंध में लोनिवि के एसडीओ योगेश ठाकुर ने कहा कि विभाग महाराजा और लगघाटी को जोड़ेगा, जिसकी योजना बनाई गई है। मौसम खुलते ही लोट तथा चरमाली से पंचायत, लोनिवि और वन विभाग संयुक्त सर्वे करेंगे। संवाद
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पर्यटन की अपार संभावनाएं, मिलेगा रोजगार
ग्राम पंचायत बुआई के प्रधान मोहर ने कहा कि महाराजा व लगघाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हर साल देश व प्रदेश के पर्यटक चार से आठ किलोमीटर तक की ट्रैकिंग कर काईसधार, चंबा गढ़ कुपड़ी माता, नाकसपाली, तारा गढ़ आदि स्थलों तक पहुंचते हैं। सड़क बन जाने से अब पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। ग्रामीण युवाओं को घर-द्वार पर ही रोजगार के अवसर प्रदान होंगे।
102 साल पुराने रेस्ट हाउस में रुक सकेंगे
वन मंडल कुल्लू के डीएफओ एंजल चौहान ने कहा कि काईसधार में वन विभाग का रेस्ट हाउस है। यहां क्षेत्रों में घूमने जाने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए रेस्ट हाउस में ठहरने की पूरी व्यवस्था है। 102 साल पुराने रेस्ट हाउस में ठहरने के लिए उन्हें पहले बुकिंग करवानी होगी।
ग्रामीणों और वन विभाग की स्वीकृति से बनेगी सड़क
लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय हाजरी ने कहा कि काईसधार के लिए सड़क बनाने की तैयारी है। विभाग लोट और चरमाली से बुआई तक अलग-अलग सर्वे करेगा। ग्रामीण और वन विभाग सर्वे के उपरांत जिस भी गांव से सड़क बनाने के लिए स्वीकृति देंगे, वहीं से सड़क का निर्माण किया जाएगा।
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कुल्लू। जिला कुल्लू में पर्यटकों को आने वाले दिनों में नया पर्यटन स्थल काईसधार मिलेगा। पर्यटक एक ही स्थान से जिले की हसीन वादियों को निहार सकेंगे। काईसधार के तहत चंबा गढ़ स्थान से कुल्लू की चारों दिशाओं का नजारा दिखेगा। चंबा गढ़ स्थान अधिक ऊंचाई पर स्थित है।
धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कुपड़ी माता के दर्शनों की राह आसान हो जाएगी। इसके अलावा तारा गढ़ से जिला कांगड़ा का दीदार भी होगा, क्योंकि तारा गढ़ की ऊंचाई चंबा गढ़ से भी अधिक है। काईसधार में साल 1920 में बने वन विभाग के रेस्ट हाउस को देखने व इसमें ठहरने की व्यवस्था है। बता दें कि पिकनिक स्पॉट काईसधार के लिए लोक निर्माण विभाग करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क बनाएगा। हालांकि विभाग की राह में मौसम रोड़ा बना है, लेकिन मौसम साफ होते ही सर्वे किया जाएगा। सड़क बनने से पर्यटकों, ट्रैकरों और श्रद्धालुओं को काईसधार से कुपड़ी माता और तारा गढ़ के लिए चार किलोमीटर ही चलना पड़ेगा।
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गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग ने महाराजा और लगघाटी को आपस में जोड़ने की योजना तैयार की है। विभाग ने महाराजा घाटी में लोट तथा चरमाली गांव तक सड़कों का निर्माण किया है। हालांकि लगघाटी के बुआई तक भी सड़क बनाई गई है। अब विभाग काईसधार-बुआई वाया नाकसपाली सड़क बनाएगा। इसके लिए लोट और चरमाली दोनों गांवों से ही सर्वे किया जाएगा। लोट और चरमाली से काईसधार की दूरी लगभग चार, चंबा गढ़ पांच तथा कुपड़ी माता-तारागढ़ आठ किलोमीटर है। इस संबंध में लोनिवि के एसडीओ योगेश ठाकुर ने कहा कि विभाग महाराजा और लगघाटी को जोड़ेगा, जिसकी योजना बनाई गई है। मौसम खुलते ही लोट तथा चरमाली से पंचायत, लोनिवि और वन विभाग संयुक्त सर्वे करेंगे। संवाद
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पर्यटन की अपार संभावनाएं, मिलेगा रोजगार
ग्राम पंचायत बुआई के प्रधान मोहर ने कहा कि महाराजा व लगघाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हर साल देश व प्रदेश के पर्यटक चार से आठ किलोमीटर तक की ट्रैकिंग कर काईसधार, चंबा गढ़ कुपड़ी माता, नाकसपाली, तारा गढ़ आदि स्थलों तक पहुंचते हैं। सड़क बन जाने से अब पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। ग्रामीण युवाओं को घर-द्वार पर ही रोजगार के अवसर प्रदान होंगे।
102 साल पुराने रेस्ट हाउस में रुक सकेंगे
वन मंडल कुल्लू के डीएफओ एंजल चौहान ने कहा कि काईसधार में वन विभाग का रेस्ट हाउस है। यहां क्षेत्रों में घूमने जाने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए रेस्ट हाउस में ठहरने की पूरी व्यवस्था है। 102 साल पुराने रेस्ट हाउस में ठहरने के लिए उन्हें पहले बुकिंग करवानी होगी।
ग्रामीणों और वन विभाग की स्वीकृति से बनेगी सड़क
लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय हाजरी ने कहा कि काईसधार के लिए सड़क बनाने की तैयारी है। विभाग लोट और चरमाली से बुआई तक अलग-अलग सर्वे करेगा। ग्रामीण और वन विभाग सर्वे के उपरांत जिस भी गांव से सड़क बनाने के लिए स्वीकृति देंगे, वहीं से सड़क का निर्माण किया जाएगा।