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Kullu News: जाहलमा नाले में वैकल्पिक सड़क बनाकर निकाले सैलानी और लोग
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) सड़क पर भूस्खलन के कारण जाहलमा नाले पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण मंगलवार रात से क्षेत्र में पर्यटक फंस गए थे। बीआरओ के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाले पर करीब 500 मीटर वैकल्पिक सड़क बना दी। इससे छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। हालांकि बड़े वाहनों की आवाजाही बंद है। छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू होने के कारण पर्यटकों और क्षेत्र के लोगों की गाड़ियां निकल पाईं।
पुल से आवाजाही बंद होने के कारण हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से त्रिलोकनाथ और उदयपुर मंदिर में दर्शन और पर्यटन के लिए आए सैकड़ों सैलानी जाहलमा में फंस गए थे। जाहलमा में ठहरने की सीमित व्यवस्था होने के कारण कुछ यात्री उदयपुर लौट गए। कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने यहां के होम स्टे और सत्संग भवन आश्रय में शरण ली। वीरवार दोपहर से पहले बीआरओ ने जाहलमा नाले में वैकल्पिक सड़क तैयार कर दी। इसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इससे फंसे लोगों और सैलानियों ने राहत की सांस ली।
पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां फंसे दिल्ली के पर्यटक शिवांश, दीक्षा और रश्मि ने बीआरओ, विधायक अनुराधा राणा और जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बीआरओ ने नाले के रास्ते मेें वैकल्पिक सड़क बनाकर उनकी छुट्टियां खराब होने से बचा लीं। साथ ही जाहलमा के लोगों ने भी हरसंभव सहयोग किया। 94 आरसीसी के ओसी मेजर पारस ने बताया कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद कड़ी मशक्कत कर वैकल्पिक सड़क तैयार की गई है। जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नाले के रास्ते अस्थायी सड़क का निर्माण किया। संवाद
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पुल से आवाजाही बंद होने के कारण हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से त्रिलोकनाथ और उदयपुर मंदिर में दर्शन और पर्यटन के लिए आए सैकड़ों सैलानी जाहलमा में फंस गए थे। जाहलमा में ठहरने की सीमित व्यवस्था होने के कारण कुछ यात्री उदयपुर लौट गए। कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने यहां के होम स्टे और सत्संग भवन आश्रय में शरण ली। वीरवार दोपहर से पहले बीआरओ ने जाहलमा नाले में वैकल्पिक सड़क तैयार कर दी। इसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इससे फंसे लोगों और सैलानियों ने राहत की सांस ली।
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पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां फंसे दिल्ली के पर्यटक शिवांश, दीक्षा और रश्मि ने बीआरओ, विधायक अनुराधा राणा और जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बीआरओ ने नाले के रास्ते मेें वैकल्पिक सड़क बनाकर उनकी छुट्टियां खराब होने से बचा लीं। साथ ही जाहलमा के लोगों ने भी हरसंभव सहयोग किया। 94 आरसीसी के ओसी मेजर पारस ने बताया कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद कड़ी मशक्कत कर वैकल्पिक सड़क तैयार की गई है। जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नाले के रास्ते अस्थायी सड़क का निर्माण किया। संवाद
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