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हादसों से नहीं लिया सबक, नदी के बीच पहुंच रहे सैलानी
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 22 May 2016 10:58 PM IST
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ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का दीदार करने के लिए इन दिनों भारी संख्या में सैलानी तीर्थन घाटी पहुंच रहे हैं। यह सैलानी जान जोखिम में डाल कर तीर्थन नदी में फोटोग्राफी और मस्ती करने के लिए पानी में भी उतर रहे हैं। जबकि प्रशासन ने नदी नालों के करीब पर्यटकों को न जाने का आदेश दिया है। प्रशासन भी लापरवाह है क्योंकि कहीं भी इस तरह का चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है।
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तीर्थन घाटी नगलाड़ी पुल से लेकर देहुरी तक पर्यटक तीर्थन नदी में उतरकर फोटोग्राफी कर रह हैं। पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के साथ ही इन दिनों तीर्थन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पहले भी कई पर्यटक जिला के नदी नालों में अपनी जान गंवा चुके हैं। वर्ष 2014 में थलौट में ब्यास नदी में इंजीनियरिंग के 24 छात्र बह गए थे। बावजूद इसके सैलानियों को इसकी परवाह नहीं है।
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समाजसेवी दौलत भारती, निक्का राम, मानचंद, संसारी लाल, लता ठाकुर, दीनानाथ और खुशहाल शर्मा ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भुगतना पड़ सकता है। प्रशासन व पर्यटन विभाग की ओर से सैलानियों को नदी में जाने से रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। जिससे सैलानी जान जोखिम में डालकर तीर्थन नदी की धारा में उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जगह-जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाकर सैलानियों को तीर्थन नदी में जाने से रोकना चाहिए।
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उधर, इस मामले को लेकर एसडीएम बंजार अश्वनी कुमार ने कहा कि होम स्टे, होटल कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सैलानियों को नदी की ओर न भेजें। उन्होंने बंजार आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि तीर्थन नदी सहित नालों में न जाएं ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।