{"_id":"5f3016888ebc3e4ae354a6ce","slug":"tomato-crop-kullu-news-sml341185392","type":"story","status":"publish","title_hn":"टमाटर के दामों में 50 फीसदी गिरावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टमाटर के दामों में 50 फीसदी गिरावट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू/खराहल। सब्जी मंडियों में एकाएक टमाटर के दामों में भारी गिरावट आ गई है। एक सप्ताह पहले कुल्लू की विभिन्न सब्जी मंडियों में टमाटर 35 से 40 रुपये तक बिक रहा था। लेकिन रविवार को कुल्लू में टमाटर की 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक बोली लगाई गई है।
टमाटर के दामों में 50 फीसदी गिरावट से सैकड़ों किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि नासिक के टमाटर ने देश की विभिन्न मंडियों में दस्तक दी है। यही वजह है कि हिमाचल के टमाटर के रेट अब गिर गए हैं। दाम गिरने से किसानों का बीज, खाद, मजदूरी पर किया खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है। घाटी के ज्ञान ठाकुर, अमित, सतीश, चमन, वीर सिंह, सुरेश पुजारी, देवराज ठाकुर, शशी, रूप सिंह, कर्म चंद ने कहा कि सब्जी मंडी में एकाएक टमाटर की कीमत में गिरावट आ गई है। इसके चलते टमाटर उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में करीब 1200 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर का उत्पादन हो रहा है। इस साल शुरूआती दौर से लेकर अगस्त के पहले सप्ताह तक किसानोें को टमाटर के उम्दा दाम मिले हैं। लेकिन अब एकाएक दाम गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। जिला के कई क्षेत्रों में अब टमाटर की फसल तैयार है। कोरोना के चलते पहले ही किसान काफी नुकसान उठा चुके हैं। ऐसे में अगर अब टमाटर के दामों में इजाफा नहीं होता है तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। हालांकि किसानों को 15 अगस्त के बाद दामों में उछाल आने की उम्मीद है। उधर, इस संबंध में बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि रविवार को टमाटर 10 से 15 रुपये तक बिका है। उन्होंने कहा कि अब महाराष्ट्र का टमाटर देश की विभिन्न मंडियों में आने लगा है। इसके चलते दामों में गिरावट दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन
टमाटर के दामों में 50 फीसदी गिरावट से सैकड़ों किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि नासिक के टमाटर ने देश की विभिन्न मंडियों में दस्तक दी है। यही वजह है कि हिमाचल के टमाटर के रेट अब गिर गए हैं। दाम गिरने से किसानों का बीज, खाद, मजदूरी पर किया खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है। घाटी के ज्ञान ठाकुर, अमित, सतीश, चमन, वीर सिंह, सुरेश पुजारी, देवराज ठाकुर, शशी, रूप सिंह, कर्म चंद ने कहा कि सब्जी मंडी में एकाएक टमाटर की कीमत में गिरावट आ गई है। इसके चलते टमाटर उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में करीब 1200 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर का उत्पादन हो रहा है। इस साल शुरूआती दौर से लेकर अगस्त के पहले सप्ताह तक किसानोें को टमाटर के उम्दा दाम मिले हैं। लेकिन अब एकाएक दाम गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। जिला के कई क्षेत्रों में अब टमाटर की फसल तैयार है। कोरोना के चलते पहले ही किसान काफी नुकसान उठा चुके हैं। ऐसे में अगर अब टमाटर के दामों में इजाफा नहीं होता है तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। हालांकि किसानों को 15 अगस्त के बाद दामों में उछाल आने की उम्मीद है। उधर, इस संबंध में बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि रविवार को टमाटर 10 से 15 रुपये तक बिका है। उन्होंने कहा कि अब महाराष्ट्र का टमाटर देश की विभिन्न मंडियों में आने लगा है। इसके चलते दामों में गिरावट दर्ज की गई हैं।
विज्ञापन