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इस बार अस्थायी शिविरों में नहीं लगेंगे बड़े बल्व
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कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में आने वाले देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में इस बार 8 से 14 वाट के ही एलईडी बल्ब लगाए जाएंगे। इससे अधिक क्षमता वाले बल्ब ढालपुर के मैदान में नहीं लगाए जाएंगे।
एलईडी बल्ब ही देवता के शिविरों में नजर आएंगे। इससे पहले 100 वाट से लेकर वाले बल्ब भी लगाए जाते थे। लेकिन इस बार दशहरे में दुकानें लगाई जा रही है। कमाई न होने के चलते दशहरा उत्सव कमेटी अधिक खर्चा करने की तैयारी में नहीं है। बाकायदा प्रशासन ने आदेश भी जारी किया है। दशहरा में आने वाले देवता के अस्थायी शिविर में चार से अधिक बल्ब नहीं लगाए जाएंगे। एक शिविर में बिजली बोर्ड की ओर से लगाए जाने वाले बल्ब की संख्या चार ही रहेगी। जबकि इससे पहले देवलू अपनी सुविधा के हिसाब से बल्ब लगाते थे। बिजली बोर्ड की ओर से दशहरा में बिजली की व्यवस्था के लिए ठेकेदार को काम दिया जाएगा। लेकिन ठेकेदार भी अपनी मनमानी नहीं कर पाएगा। बिजली बोर्ड की ओर से स्वयं इसकी निगरानी की जाएगी। बोर्ड के अधिकारियों की टीम समय-समय पर ढालपुर में जाकर निरीक्षण करेगी। इस दौरान पूरी व्यवस्थाओं को जांचा जाएगा। दशहरा उत्सव के दौरान पूरा ढालपुर मैदान दूधिया रोशनी से भी जगमगा उठेगा। ढालपुर में लगाई गई हाई मास्क लाइटें भी जलाई जाएंगी। उधर, इस संबंध में बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता विमल प्रकाश ने कहा कि दशहरा में देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए इस बार एलईडी बल्ब का इस्तेमाल किया जाएगा। बिजली बोर्ड की ओर से इसकी तैयारियां कर ली गई है।
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एलईडी बल्ब ही देवता के शिविरों में नजर आएंगे। इससे पहले 100 वाट से लेकर वाले बल्ब भी लगाए जाते थे। लेकिन इस बार दशहरे में दुकानें लगाई जा रही है। कमाई न होने के चलते दशहरा उत्सव कमेटी अधिक खर्चा करने की तैयारी में नहीं है। बाकायदा प्रशासन ने आदेश भी जारी किया है। दशहरा में आने वाले देवता के अस्थायी शिविर में चार से अधिक बल्ब नहीं लगाए जाएंगे। एक शिविर में बिजली बोर्ड की ओर से लगाए जाने वाले बल्ब की संख्या चार ही रहेगी। जबकि इससे पहले देवलू अपनी सुविधा के हिसाब से बल्ब लगाते थे। बिजली बोर्ड की ओर से दशहरा में बिजली की व्यवस्था के लिए ठेकेदार को काम दिया जाएगा। लेकिन ठेकेदार भी अपनी मनमानी नहीं कर पाएगा। बिजली बोर्ड की ओर से स्वयं इसकी निगरानी की जाएगी। बोर्ड के अधिकारियों की टीम समय-समय पर ढालपुर में जाकर निरीक्षण करेगी। इस दौरान पूरी व्यवस्थाओं को जांचा जाएगा। दशहरा उत्सव के दौरान पूरा ढालपुर मैदान दूधिया रोशनी से भी जगमगा उठेगा। ढालपुर में लगाई गई हाई मास्क लाइटें भी जलाई जाएंगी। उधर, इस संबंध में बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता विमल प्रकाश ने कहा कि दशहरा में देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में बिजली आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए इस बार एलईडी बल्ब का इस्तेमाल किया जाएगा। बिजली बोर्ड की ओर से इसकी तैयारियां कर ली गई है।
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